Amarjeet Singh: भारत का पूर्व हॉकी खिलाड़ी फुटपाथ पर गुजार रहा जिंदगी, मदद के लिए आगे आए रिजिजू और अमिताभ बच्चन - amarjeet singh former junior hockey player now living on footpath - News Summed Up

Amarjeet Singh: भारत का पूर्व हॉकी खिलाड़ी फुटपाथ पर गुजार रहा जिंदगी, मदद के लिए आगे आए रिजिजू और अमिताभ बच्चन - amarjeet singh former junior hockey player now living on footpath


हाइलाइट्स भारत की जूनियर नैशनल हॉकी टीम के लिए खेल चुके हैं अमरजीत सिंहऐथलेटिक्स में भी भारत का प्रतिनिधत्व कर चुका है यह पूर्व खिलाड़ीकभी विदेशों में भी रहे, इन दिनों दिल्ली फुटपाथ पर काट रहे हैं जिंदगीखेल मंत्री किरण रिजिजू और बॉलिवुड स्टार अमिताभ बच्चन ने की मदद की पेशकशइस पूर्व हॉकी खिलाड़ी ने जब हॉकी की स्टिक अपने हाथ में उठाई होगी तो शायद कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि अपनी जिंदगी में उन्हें ऐसे चुनौती भरे दिन भी देखने होंगे। आज यह खिलाड़ी इस हाड़ कंपकंपा देने वाली दिल्ली की ठंड में फुटपाथ पर अपनी जिंदगी जीने को मजबूर है। सोशल मीडिया पर जब इस खिलाड़ी की यह कहानी सामने आई तो खेल मंत्री किरण रिजिजू और बॉलिवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने इस खिलाड़ी की मदद के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया।सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट के मुताबिक अमरजीत सिंह भारत के लिए जूनियर हॉकी खेल चुके हैं और उन्होंने ऐथलेटिक्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है। अपने शानदार खेल के दम पर पहचान बनाने वाले इस खिलाड़ी ने कई साल लंदन और जर्मनी में भी बिताए। लेकिन अब यह खिलाड़ी दिल्ली के पहाड़ गंज एरिया में फुटपाथ पर अपना जीवन काटने को मजबूर है।यह पूर्व खिलाड़ी कब से इन हालात में यहां रह रहा है, फिलहाल इस बात की ज्यादा जानकारी नहीं है। खेल मंत्री किरण रिजिजू को जब टि्वटर पर इस पूर्व खिलाड़ी के इन हालात का मालूम चला तो उन्होंने मदद का आश्वासन दिया है।इस पोस्ट पर ट्वीट करते हुए रिजिजू ने लिखा, 'मैं सोशल मीडिया के जरिए लगातार यह कहता रहा हूं कि कोई भी जो सचमुच भारत के लिए खेला है और अब दयनीय हालात में जिंदगी जी रहा है तो उन्हें वित्तीय मदद दी जाएगी। अगर इनका पता मिल जाए तो हम जरूरी मदद करेंगे।'रिजिजू के इस ट्वीट से पहले बॉलिवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी ट्वीट कर इस पूर्व खिलाड़ी को मदद की पेशकश की। अमिताभ ने इस ट्वीट पर ट्वीट करते हुए लिखा, 'क्या यह संभव है कि उनकी यह जानकारी मिल जाए कि उन्हें कहां और कैसे मदद की जा सकती है।'


Source: Navbharat Times December 30, 2019 03:30 UTC



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