संवाद सूत्र, सतबरवा (पलामू)। चतरा में हुए विमान हादसे में जान गंवाने वाले चंदवा निवासी संजय प्रसाद की मौत की बड़ी दर्दनाक कहानी है। कुछ दिन पहले उनके होटल में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी, इस हादसे में उनका होटल तो जला ही, सजय भी लगभग 65 प्रतिशत झुलस गए थे।संजय कुमार के परिवार ने उनके इलाज के लिए 8 लाख रुपये उधार लिए थे और इसमें से 6 लाख रुपये देकर एयर एम्बुलेंस बुक की थी। परिवार चाहता था कि उनका इलाज दिल्ली के बड़े अस्पताल में हो, लेकिन उनको क्या पता था कि एक जिंदगी बचाने की यह यात्रा सात लोगों की मौत में तब्दील हो जाएगी।संजय की हालत सड़क मार्ग से यात्रा करने लायक नहीं थी, इसलिए उनके परिवार ने रिश्तेदारों से संपर्क किया और एयर एम्बुलेंस के लिए 8 लाख रुपये उधार लिए। दिल्ली में उनके इलाज के लिए भी कुछ पैसे अलग रखे गए थे।होटल में आग से शुरू हुई त्रासदी जानकारी के अनुसार, 16 फरवरी दिन सोमवार को लातेहार जिले के सतबरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत करियाडीह में एनएच-39 किनारे स्थित संजय प्रसाद का लाइन होटल सह आवास अचानक आग की चपेट में आ गया था, जो लंबे समय से बंद पड़ा था।सोमवार दोपहर करीब दो बजे शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई थी। आग लगने के कुछ ही देर बाद गैस सिलेंडर में जोरदार विस्फोट हो गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। धमाके के बाद आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पूरा होटल जलकर राख हो गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धुआं उठता देख आसपास के लोग आग बुझाने पहुंचे थे, तभी सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। बताया जाता है कि आग लगने से संजय प्रसाद झुलस गए थे। उन्हें तत्काल रांची के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए दिल्ली रेफर कर दिया।विमान हादसे में निकले प्राण इसके बाद एयर एम्बुलेंस से उन्हें दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही विमान दुर्घटना का शिकार हो गया। जिसमें मृतक के अलावा मृतक के अलावा उनकी पत्नी अर्चना, रिश्तेदार ध्रुव, हॉस्पिटल स्टाफ और क्रू मेंबर थे। इस हादसे में उनकी मौत हो गई। इस दोहरी त्रासदी ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।सतबरवा निवासी प्रकाश कुमार उर्फ ददन ने बताया कि इस घटना से इलाके में गहरा शोक है। स्थानीय लोगों ने इसे बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। दो बच्चे हुए अनाथ संजय के बड़े भाई विजय शॉ उन्हें रांची हवाई अड्डे पर छोड़ने गए थे। उन्होंने कहा, "हम अभी घर पहुंचे ही थे कि टीवी समाचारों से हमें दुर्घटना की खबर मिली। पल भर में सब कुछ खत्म हो गया।"परिवार ने बताया कि इस दुर्घटना में संजय और उनकी पत्नी अर्चना दोनों की मृत्यु हो गई और उनके दो बच्चे अनाथ हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर रांची में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं होतीं, तो संजय को एयरलिफ्ट करने की जरूरत ही नहीं पड़ती।
Source: Dainik Jagran February 24, 2026 11:16 UTC