देहरादून में सेक्स रैकेट चलाने वाली महिला और राजस्थान निवासी पार्टनर पुलिस की गिरफ्त में।‘क्लाइंट आया है, लड़कियां भेज दो, 10K नाइट’ जैसे वॉट्सएप चैट से देहरादून में घर से चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने खुलासा किया है। राजस्थानी पार्टनर के साथ महिला यह नेटवर्क चला रही थी। मेघालय की 3 युवतियों को रेस्क्यू किया गया, जिन्हें नौकरी के बहाने. मकान से चल रहा था रैकेट, महिला बनी मास्टरमाइंडपूछताछ में सामने आया कि गांधी नगर स्थित मकान की मालिक रानी देवी इस पूरे रैकेट को संचालित कर रही थी। वह अपने साथी आशीष कुमार पांडे (जयपुर निवासी) के साथ मिलकर लंबे समय से देह व्यापार करा रही थी। दोनों के बीच काम बंटा हुआ था। रानी ग्राहकों से डील करती थी, जबकि आशीष नेटवर्क और सप्लाई संभालता था। मौके पर मिला तीसरा आरोपी फुलो खान ग्राहक के रूप में वहां पहुंचा था।2. नौकरी का झांसा देकर मेघालय की युवतियों को फंसायामौके से रेस्क्यू की गई तीनों युवतियां मेघालय की रहने वाली हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें नौकरी दिलाने के बहाने देहरादून बुलाया गया था। यहां आने के बाद उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे जबरन देह व्यापार कराया जाने लगा। आर्थिक तंगी और बाहरी राज्य में होने के कारण वे इस जाल में फंसी रहीं और बाहर निकलना मुश्किल हो गया।3. वॉट्सएप के माध्यम से ₹10 हजार तक होती थी डीलजांच में खुलासा हुआ कि आरोपी वॉट्सएप के जरिए पूरा नेटवर्क ऑपरेट करते थे। ग्राहकों को लड़कियों की फोटो भेजी जाती थी। जिसके बाद चैट और कॉल पर रेट तय होते थे (करीब ₹10 हजार तक)। पुलिस को जांच में ऐसे मैसेज मिले -7 कर दो, 9 बजे तक लेने आ जाना।बातचीत के बाद ब्रोकर और क्लाइंट के बीच सीधा कनेक्शन बनाया जाता था। इससे साफ है कि यह एक डिजिटल और संगठित रैकेट था।4. पार्टनर करता था सप्लाई, कमाई आपस में बांटते थेपूछताछ में आशीष पांडे ने बताया कि वह ग्राहकों तक लड़कियों को पहुंचाने का काम करता था। रानी देवी ग्राहकों से डील फाइनल करती थी और फिर दोनों कमाई को आपस में बांट लेते थे। इस तरह पूरा नेटवर्क एक व्यवस्थित सिस्टम की तरह काम कर रहा था, जिसमें ग्राहक, सप्लायर और ब्रोकर की स्पष्ट भूमिका तय थी।5.
Source: Dainik Bhaskar March 17, 2026 11:46 UTC