2023 से अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती का 65% खर्च राज्यों को वहन करना होगा - Dainik Bhaskar - News Summed Up

2023 से अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती का 65% खर्च राज्यों को वहन करना होगा - Dainik Bhaskar


अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती के लिए अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अधिक धन खर्च करना पड़ेगा। गृह मंत्रालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार, यदि राज्य या केंद्र शासित प्रदेश अपने राज्यों में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती चाहते हैं तो उन्हें पहले के मुकाबले इन बलों पर 10% से 15% अधिक खर्च करना होगा। ऐसे में राज्यों का वर्तमान खर्च बढ़कर 2023 से 65% हो जाएगा।मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2019-20 में सामान्य इलाकों में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती के लिए राज्यों ने 13.70 करोड़ रु. दिया था जो वर्ष 2023-24 में यह खर्च बढ़कर 22.30 करोड़ रु. तक पहुंच जाएगा।मंत्रालय के अनुसार, जिन केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा नहीं है उन राज्यों को इस फैसले से छूट दी गई है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सीएपीएफ/आरएएफ के जवानों को तैनाती के बाद उनके लिए उपयुक्त और बेहतर ठहरने की व्यवस्था और अन्य सुविधाएं जैसे पानी, बिजली आदि के लिए आनेवाला खर्च वहन करना होगा।मंत्रालय के मुताबिक, अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में राज्यों ने वर्ष 2019-20 में 25.18 करोड़ रु. खर्च किए थे जो वर्ष 2023-24 में बढ़कर 33.78 करोड़ रु. हो जाएगा। यदि अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की अवधि 10 दिन आगे बढ़ाई जाएगी तो राज्यों को पूरे महीने का खर्च वहन करना पड़ेगा। इसमें केंद्र सरकार द्वारा खर्च का वहन का कोई प्रावधान नहीं है।”


Source: Dainik Bhaskar October 10, 2019 15:22 UTC



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