1.4 अरब डॉलर की बात: निर्मला सीतारमण से मिलना चाहते हैं केयर्न एनर्जी के CEO, वित्त मंत्रालय से नहीं मिला है मुलाकात का वक्त - News Summed Up

1.4 अरब डॉलर की बात: निर्मला सीतारमण से मिलना चाहते हैं केयर्न एनर्जी के CEO, वित्त मंत्रालय से नहीं मिला है मुलाकात का वक्त


Hindi NewsBusinessEconomyCairn Energy CEO Simon Thomson Wants To Meet FM, Hasn't Got The Appointment YetAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप1.4 अरब डॉलर की बात: निर्मला सीतारमण से मिलना चाहते हैं केयर्न एनर्जी के CEO, वित्त मंत्रालय से नहीं मिला है मुलाकात का वक्त16 घंटे पहलेकॉपी लिंककंपनी ने पिछले महीने सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि टैक्स वाला पैसा जल्द नहीं मिला तो वह उसकी संपत्तियां जब्त करने पर मजबूर हो जाएगीआर्बिट्रेशन कोर्ट का ऑर्डर आए डेढ़ महीने से ज्यादा हो गया है, लेकिन केयर्न को भुगतान को लेकर सरकार की तरफ से कोई संकेत नहीं मिला हैकेयर्न एनर्जी के CEO साइमन थॉमसन ने आर्बिट्रेशन कोर्ट के ऑर्डर को लेकर फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण से मुलाकात का वक्त मांगा है। थॉमसन चाहते हैं कि सरकार रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स के केस में आए कोर्ट ऑर्डर के मुताबिक कंपनी को 1.4 अरब डॉलर की रकम जल्द चुका दे। कंपनी ने पिछले महीने सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि अगर उसका पैसा जल्द नहीं मिला तो वह उसकी संपत्तियों को जब्त करने पर मजबूर हो जाएगी। केयर्न एनर्जी के CEO को मंत्रालय से वित्त मंत्री से मुलाकात का समय अब तक नहीं मिल पाया है।CEO ने ट्विट में सरकार से जल्द भुगतान करने की अपील की हैकंपनी ने अपने CEO वाला एक ट्विट जारी किया है जिसमें उन्होंने अदालत का आदेश मानकर जल्द भुगतान करने की सरकार से अपील की है। ट्विट के मुताबिक, ‘केयर्न एनर्जी के CEO साइमन थॉमसन अगले हफ्ते दिल्ली में वित्त मंत्री से मिलेंगे।’ पिछले साल दिसंबर में एक इंटरनेशनल ट्राइब्यूनल ने अपने आदेश में कहा था कि भारत सरकार ब्रिटेन के साथ हुई द्विपक्षीय निवेश संधि के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहा है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक केस में कंपनी पर पिछली तारीख से 10,247 करोड़ रुपये का टैक्स लगा दिया था।केयर्न के शेयरहोल्डर्स के लिए जरूरी है 1.4 अरब डॉलर का पेमेंटथॉमसन ने अपने वीडियो में कहा, ‘मामले में मध्यस्थता की प्रक्रिया पूरी हो गई है और आदेश जारी हो गया है। हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह आदेश का जल्द पालन करे।’ उन्होंने कहा कि यह केयर्न के शेयरहोल्डर्स- ग्लोबल फाइनेंशियल इंस्टीट़यूशन के लिए जरूरी है जो भारत में निवेश का सकारात्मक माहौल चाहते हैं। थॉमसन ने केयर्न को इंडिया में कामयाब निवेश और साझीदारी की शानदार मिसाल बताया है।सरकार ने जब्त कर लिया था केयर्न इंडिया में कंपनी का 10% स्टेकआयकर विभाग ने केयर्न इंडिया में कंपनी की 10 पर्सेंट हिस्सेदारी जब्त कर ली थी। उसने 2006-07 में लिस्टिंग से पहले भारत में कारोबार को नए सिरे से व्यवस्थित करने से कंपनी को हुए कैपिटल गेंस पर 10,247 करोड़ रुपये का टैक्स मांगा था। अपने आदेश में ट्राइब्यूनल ने सरकार से 1.2 अरब डॉलर की मूल रकम के साथ ब्याज और दूसरे खर्च सहित कुल 1.4 अरब डॉलर देने के लिए कहा है।भुगतान को लेकर भारत सरकार का रुख जानना चाहती है केयर्नकेयर्न जानना चाहती है कि आर्बिट्रेशन कोर्ट के ऑर्डर को लेकर भारत सरकार का क्या रुख है। कंपनी के शेयरहोल्डर सरकार से पैसा जल्द वापस लेने के लिए मैनेजमेंट पर दबाव बना रहे हैं। आदेश आए डेढ़ महीने से ज्यादा हो गया है लेकिन भुगतान को लेकर सरकार की तरफ से कोई संकेत नहीं मिला है। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसी हफ्ते लोकसभा में कहा था कि केयर्न के हक में आए आर्बिट्रेशन कोर्ट के फैसले पर सरकार विचार कर रही है।


Source: Dainik Bhaskar February 10, 2021 11:58 UTC



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