₹38000 सस्ता हुआ सोना, चांदी ₹1.54 लाख टूटी, ऑल टाइम हाई से कीमतें धड़ाम - News Summed Up

₹38000 सस्ता हुआ सोना, चांदी ₹1.54 लाख टूटी, ऑल टाइम हाई से कीमतें धड़ाम


संक्षेप: Gold Silver Rate Today: अगर ऑल टाइम हाई से तुलना करें 1,80,000 रुपये से गिरकर सोना करीब 38000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी करीब 1.54 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है।आज सोना 143205 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। जबकि, चांदी 6 प्रतिशत टूट कर 274410 रुपये प्रति किलो पर खुली। 30 जनवरी के बंद भाव के मुकाबले सोने का वायदा भाव आज करीब 7000 रुपये नीचे खुला है। वहीं चांदी ने करीब 17000 रुपये प्रति किलो का गोता लगाया है। चंद मिनट बाद ही चांदी 9 पर्सेंट टूटकर 265652 रुपये पर आ गई। वहीं, सोना भी 7 फीसद से अधिक टूटकर 141497 पर आ गया। बता दें बजट की वजह से आज एमसीएक्स ट्रेडिंग के लिए खुला है।प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अगर ऑल टाइम हाई से तुलना करें 1,80,000 रुपये से गिरकर सोना करीब 38000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी करीब 1.54 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है। बता दें 30 जनवरी को सोने-चांदी में भारी गिरावट देखने को मिली। चांदी 27% टूटी, जो MCX पर अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है और इससे निवेशकों को एक ही दिन में 1 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। सोने में भी 13 साल में सबसे तेज 12% की गिरावट दर्ज की गई।MCX गोल्ड अप्रैल फ्यूचर्स ₹40,757 (22.2%) गिरकर ₹1,43,205 प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे निचले स्तर पर पहुंच गया। MCX सिल्वर मार्च फ्यूचर्स ₹1,25,483 (31.4%) गिरकर ₹2,74,410 प्रति किलो पर आ गया।वैश्विक स्तर पर मुनाफावसूली का दबाव वैश्विक स्तर पर सोनेऔर चांदी की कीमतों में भारी मुनाफावसूली देखी जा रही है। रॉयटर्स के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों में 1983 के बाद से सबसे तेज दैनिक गिरावट आने के आसार हैं, जबकि चांदी ने अपने सबसे खराब दिन के रिकॉर्ड को छू लिया है।गिरावट के तीन प्रमुख कारण: इस तेज गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं: CME मार्जिन वृद्धि, डॉलर में तेज उछाल और बजट 2026 में आयात शुल्क कटौती की उम्मीद।CME ग्रुप ने बढ़ाया मार्जिन CME समूह ने बढ़ी हुई बाजार की अस्थिरता पर अंकुश लगाने के लिए कॉमेक्स गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स पर मार्जिन आवश्यकताएं बढ़ा दी हैं। एक्सचेंज के बयान के अनुसार, गोल्ड फ्यूचर्स के लिए मार्जिन आवश्यकताओं को सभी जोखिम श्रेणियों में बढ़ाया जाएगा। गैर-बढ़े हुए जोखिम वाली स्थितियों के लिए, मार्जिन अनुबंध मूल्य का 6% से बढ़ाकर 8% कर दिया जाएगा। बढ़े हुए जोखिम वाली स्थितियों के लिए, मार्जिन 6.6% से बढ़कर 8.8% हो जाएगा।चांदी के फ्यूचर्स के लिए, गैर-बढ़े हुए जोखिम वाली स्थितियों के मार्जिन 11% से बढ़ाकर 15% कर दिए जाएंगे, जबकि बढ़े हुए जोखिम वाली स्थितियों के मार्जिन 12.1% से बढ़ाकर 16.5% कर दिए जाएंगे। मार्जिन आवश्यकताओं में वृद्धि का सोने और चांदी की कीमतों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्योंकि ट्रेडिंग महंगी हो जाती है। उच्च मार्जिन का मतलब है कि व्यापारियों को एक ही फ्यूचर्स पोजीशन रखने के लिए अधिक पैसा अग्रिम रूप से लगाना पड़ेगा। इससे सट्टेबाजी में भी कमी आती है।आयात शुल्क में कटौती की चर्चा


Source: NDTV February 01, 2026 05:01 UTC



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