Hindi NewsLocalRajasthanJaipurThe 10 year old Child Went Missing Twice, Wrote The Identification On His Hand, Was Twice MissingAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपहाथ पर लिखा नाम-पता मोबाइल नंबर: 10 साल का बच्चा दो बार हुआ लापता तो हाथ पर ही लिख डाली पहचान, दो बार हो चुका लापताजयपुर 6 घंटे पहलेकॉपी लिंकपहचान छिपाने के लिए बच्चे के नाम-मोबाइल नंबर हटाए गए है।पिता की हुई मौत तो मां छोड़ चुकी, अब नानी ही कर रही पालन पोषणहाथ पर गुदा हुआ नाम-पता और मोबाइल नंबर। बार-बार घर से लापता होने पर हाथ पर ही सब कुछ लिखवा डाला। ये कहानी है एक ऐसे 10 साल के बच्चे की, जिसके पिता की मौत हो चुकी है। मां उसे छोड़ कर जा चुकी है। बच्चा काफी समय से मानसिक अवसाद में चल रहा है। बच्चे के लापता होने पर उसके हाथ पर नाम-पते लिखवा दिए। मामला चार दिन पहले का है जब बच्चे के लापता होने पर नानी जयपुर से सीकर गई और उसे वापस घर लेकर आई।बस में बैठ कर पहुंचा सीकरजयपुर के चांदपोल इलाके में नानी के बच्चा रहता है। वह अचानक घर से निकल कर सिंधी कैंप पहुंच गया। सिंधी कैंप से बच्चा बस में बैठ गया। उसे पता ही नहीं था कि बस कहां जाएगी। बस में बैठ कर बच्चा सीकर पहुंच गया। इसके बाद सीकर बस डिपो में ही घूमता रहा। वहां पर लावारिश घूमते हुए पुलिस को मिला। उसे बालकल्याण समिति के पास भेजा। सदस्यों ने काउंसलिंग में पूछताछ की।बार-बार हाथ करता रहा आगेबाल कल्याण समिति के सदस्य कमल शर्मा ने बच्चे की काउंसलिंग की तो वह बार-बार हाथ आगे करता रहा। सदस्य कुछ नहीं समझे। उसका हाथ ध्यान से देखा तो नाम-पता और मोबाइल नंबर लिखे हुए मिले। मोबाइल नंबरों पर कॉल किया तो उसकी नानी से बात हुई। नानी काफी परेशान चल रही थी। बच्चे का पता लगने पर सीकर पहुंची। नानी ने पूरी दास्तां बताई तो सभी सुनकर हैरान रह गए। तब वह उसे वापस जयपुर लेकर आई।मजदूरी करके करती है पालन पोषणबच्चे के माता-पिता नहीं होने के कारण पालण पोषण बुजुर्ग नानी करती है। बच्चे के दो भाई-बहन भी है। आर्थिक रूप से कमजोर नानी खुद मजदूरी करती है, इन बच्चों का पूरा ख्याल रखती है। दो बार बच्चा लापता हो गया तो काफी कोशिशों के बाद उसका पता लगा। पड़ोस के लोगों ने एक रास्ता निकाला कि उसके हाथ पर नाम-पता और मोबाइल नंबर लिखवा दिए जाएं। वह दो बार झुंझुनूं भी चला गया था।(डिस्क्लेमर : बच्चा नाबालिग है और मानिसक बीमार है, इसलिए नियमों के तहत उसकी सारी पहचान छिपाई गई है।)
Source: Dainik Bhaskar May 09, 2021 08:37 UTC