छत्तीसगढ़ के स्कूलों में मध्याह्न भोजन में अंडा परोसने के फैसले का विरोध होने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने कलेक्टरों से कहा है कि यदि स्कूलों में अंडा मुहैया कराने को लेकर सहमति नहीं बनें, तो मांसाहारी बच्चों के घरों में अंडा पहुंचाने की कोशिश की जाए. राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने यहां बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग ने मंगलवार को जिला कलेक्टरों को मध्याह्न भोजन के मेन्यू के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया है. चूंकि शाकाहारी परिवार के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन करते हैं, इसलिए स्कूल शिक्षा विभाग ने कलेक्टरों को स्पष्टीकरण जारी किया है. Chandra Grahan 2019: आज है साल का आखिरी चंद्रग्रहण, जानिए इसके बारे में सब कुछछत्तीसगढ़ में स्कूलों में मध्याह्न भोजन के दौरान बच्चों को अंडा मुहैया कराने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है. कांग्रेस का कहना है कि राज्य के बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है.
Source: NDTV July 17, 2019 05:26 UTC