खास बातें मनमोहन ने धर्मनिरपेक्षता को संविधान का मौलिक स्वरूप बताया 'सैन्य बलों को धार्मिक अपीलों से खुद को अछूता रखने की जरूरत' 'सशस्त्र बल देश के शानदार धर्मनिरपेक्ष स्वरूप का अभिन्न हिस्सा'पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने धर्मनिरपेक्षता को संविधान का मौलिक स्वरूप बताते हुये कहा है ‘‘सर्वप्रथम, एक संस्था के रूप में न्यायपालिका के लिये यह बेहद जरूरी है कि वह संविधान में निहित धर्मनिरपेक्षता के स्वरूप का संरक्षण करने की अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी को नजरंदाज न करे.’’ डॉ. सिंह ने मंगलवार को कॉमरेड एबी वर्धन स्मृति व्याखान को संबोधित करते हुये कहा ‘‘संविधान के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप का संरक्षण करने के मकसद को पूरा करने की मांग पहले के मुकाबले मौजूदा दौर में और भी अधिक जरूरी हो गयी है. सिंह ने कहा कि सैन्य बलों को भी धार्मिक अपीलों से खुद को अछूता रखने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बल देश के शानदार धर्मनिरपेक्ष स्वरूप का अभिन्न हिस्सा हैं. इसलिये यह बेहद जरूरी है कि सशस्त्र बल स्वयं को सांप्रदायिक अपीलों से अछूता रखें.
Source: NDTV September 25, 2018 22:27 UTC