एसएचवीपी और नगर निगम इन दिनों शहर के पार्कों को भी मेंटेन नहीं कर पा रहे हैं। सेक्टर 5 के यवनिका पार्क से लेकर निर्झर वाटिका और सेक्टरों में रेजिडेंशियल एरिया में बने पार्कों की हालत खराब है। झूले टूटने तो आम बात है, लेकिन अब तो हालात यहां तक खराब हो चुके हैं कि पार्कों में अपने बच्चों को खिलाने के लिए लाने वाले लोग लाइट्स न जलने के कारण अपने ही मोबाइल की टॉर्च जलाकर उसकी रोशनी में बच्चों को झूले झुलाने के लिए मजबूर हैं।पार्कों में अंधेरा रहने के कारण स्नैचिंग से लेकर लोगों के व्हीकल तक चोरी होने लगे हैं। सेक्टर 20 में रहने वाले योगेंद्र क्वात्रा ने बताया कि सेक्टर-20 में सोसायटीज के पास बने पार्कों में भी लाइट्स नहीं जलती। कई बार नगर निगम के ईओ को भी बोल दिया, लेकिन लाइट्स ठीक नहीं करवाई। पार्क में अंधेरा होने के कारण यहां पिछले 6-7 महीनों में अब तक चार महिलाओं के साथ स्नैचिंग की वारदात हाे चुकी हैं।पार्क नंबर 2006 में लाइट्स नहीं जलती। यहां पर एक लड़की आईटी पार्क में काम करने वाली सैर कर रही थी। तीन लड़के आए और लड़की के हाथ से मोबाइल छीनने लगे। लड़की ने हिम्मत दिखाई और शोर मचा दिया। इसके बाद लड़के अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए। यहां पार्कों में आने वाले रास्तों पर भी लाइट्स नहीं जलती। इस कारण जल वायु विहार, सन सिटी में रहे वाली दो महिलाओं के साथ भी स्नैचिंग हो चुकी है।सेक्टर 1 में रहने वाले अंकित कुमार ने कहा कि हर रोज सेक्टर 5 निर्झर वाटिका में अपने बच्चों के साथ उन्हें सैर करवाने के लिए आता हूं। यहां पर मेन लाइट्स ही नहीं जलती। इसके अलावा जिस जगह पर बच्चों के लिए झूले लगाए हुए है वहां पर लाइटें ही नहीं लगाई गई। रात को सेक्टर 5 के इस पार्क में काफी फैमिली अपने बच्चों को लेकर आती है, लेकिन जब अंधेरा होता है तो पेरेंट्स अपने बच्चों को मोबाइल की टॉर्च में झूला झुलाने को मजबूर हैं। यहां पार्क में उस ओपन जिम का भी बुरा हाल है। अोपन जिम के इक्विपमेंट पर भी अंधेरा रहता है।एचएसवीपी के एक्सईएन करन सिंह अहलावत ने नहीं दिया जवाब: सेक्टर 5 में बने बड़े पार्कों की जिम्मेदारी एचएसवीपी की है। एक्सईएन करन सिंह को इस मामले में जानकारी के लिए फोन किया गया तो उन्होंने शाम साढ़े 5 बजे भी मीटिंग में होने का हवाला दिया। इसके बाद पौने घंटे बाद फोन किया तो फोन ही नहीं उठाया। शाम साढ़े 7 बजे दोबारा फोन किया तो कोई जवाब नहीं दिया।
Source: Dainik Bhaskar July 04, 2019 02:03 UTC