Dainik Bhaskar May 06, 2019, 10:55 PM ISTमुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में 34 लड़कियों के दुष्कर्म की बात एक रिपोर्ट में सामने आईब्रजेश ठाकुर हत्या के मामले में आरोपी, ठाकुर बिहार की पूर्व मंत्री मंजू के पति का करीबीनई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में हुई 11 लड़कियों की कथित हत्याओं के मामले पर सुनवाई की। अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिए कि 3 जून तक इस मामले की जांच पूरी की जाए और इसके बाद एजेंसी स्टेटस रिपोर्ट पेश करे। चीफ जस्टिर रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता की बेंच ने कहा कि यह बेहद आवश्यक मसला है। ऐसे में वेकेशन बेंच 3 जून को इस पर सुनवाई करेगी। इस दौरान सीबीआई कानून के तहत सभी जरूरी कार्रवाइयों को पूरा करे और कोर्ट के सामने स्टेटस रिपोर्ट पेश करे।बेंच ने शुरुआत में सीबीआई को 2 हफ्तों के भीतर जांच करने के लिए कहा था, लेकिन एजेंसी की तरफ से पेश हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि दो हफ्तों के भीतर जांच पूरी होना संभव नहीं है। इसके बाद अदालत ने एजेंसी को 3 जून तक का समय दिया।ब्रजेश ठाकुर पर हत्या का आरोपवेणुगोपाल ने बताया कि सीबीआई के हलफनामे के मुताबिक, 11 लड़कियों की हत्या की आशंका है। लेकिन, शेल्टर होम में 35 लड़कियां ठहरी थीं। वे नाम बदलकर एक या इससे ज्यादा बार शेल्टर होम में ठहरी थीं। एक मामले में हमने हड्डियां भी बरामद की हैं। सीबीआई ने अपने 30 पेज के हलफनामे में कहा कि ब्रजेश ठाकुर पर 11 लड़कियाें की हत्या के आरोप की जांच चल रही है। जल्द ही पूरक आरोप पत्र दायर किया जाएगा। शेल्टर होम से हडि्डयों का एक बंडल मिला था, उसकी फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आना बाकी है।खुलासे के बाद बिहार की मंत्री ने दिया था इस्तीफाटाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेस की बिहार के समाज कल्याण विभाग को भेजी गई एक ऑडिट रिपोर्ट में लड़कियों से ज्यादती होने का खुलासा हुआ था। यह शेल्टर होम बृजेश ठाकुर चलाता था, जो पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू के पति चंद्रशेखर का दोस्त है। पिछले साल 31 मई को ठाकुर समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले के खुलासे के बाद मंजू ने बिहार की कैबिनेट से इस्तीफा दिया था।
Source: Dainik Bhaskar May 06, 2019 17:26 UTC