सुप्रीम कोर्ट का सरकार को आदेश- प्रवासी मजदूरों को 15 दिन में उनके घर भेजें, उनके रोजगार की योजना बनाएं - Dainik Bhaskar - News Summed Up

सुप्रीम कोर्ट का सरकार को आदेश- प्रवासी मजदूरों को 15 दिन में उनके घर भेजें, उनके रोजगार की योजना बनाएं - Dainik Bhaskar


कोर्ट ने कहा- प्रवासियों के खिलाफ लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने पर दर्ज केस वापस लेने पर विचार करेंकेंद्र और राज्य सरकारें प्रवासी मजदूरों की पहचान के लिए एक सूची तैयार करेंदैनिक भास्कर Jun 09, 2020, 05:23 PM ISTनई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रेन और बस से सफर कर रहे प्रवासी मजदूरों से कोई किराया ना लिया जाए। यह खर्च राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें उठाएं।2. स्टेशनों पर खाना और पानी राज्य सरकारें मुहैया करवाएं और ट्रेनों के भीतर मजदूरों के लिए यह व्यवस्था रेलवे करे। बसों में भी उन्हें खाना और पानी दिया जाए।3. देशभर में फंसे मजदूर जो अपने घर जाने के लिए बसों और ट्रेनों के इंतजार में हैं, उनके लिए भी खाना राज्य सरकारें ही मुहैया करवाएं। मजदूरों को खाना कहां मिलेगा और रजिस्ट्रेशन कहां होगा। इसकी जानकारी प्रसारित की जाए।4. राज्य सरकार प्रवासी मजदूरों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को देखें और यह भी निश्चित करें कि उन्हें घर के सफर के लिए जल्द से जल्द ट्रेन या बस मिले। सारी जानकारियां इस मामले से संबंधित लोगों को दी जाएं।सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से 28 मई तक जवाब मांगा थाअदालत ने इस मामले को खुद ही नोटिस में लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मजदूरों की हालत खराब है। उनके लिए सरकार ने जो इंतजाम किए हैं वे नाकाफी हैं। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर 28 मई तक जवाब मांगा था।


Source: Dainik Bhaskar June 09, 2020 05:49 UTC



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