यात्रा के दौरान 19 जनवरी को कोदंड पुरी पहुंचा, जहां भगवान जगन्नाथ के दर्शन कराए गए. इसका निर्माण तमिलनाडु के कांचीपुरम की 48 महिला कारीगरों ने करीब आठ महीने की मेहनत से किया है. विशेष बात यह है कि कोदंड पर कारगिल युद्ध सहित भारतीय सेना की वीरता और पराक्रम की गाथाएं भी अंकित की गई हैं, जो इसे सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक के रूप में और भी खास बनाती हैं. रामायण और अन्य प्राचीन ग्रंथों में कोदंड का जिक्र धर्म, मर्यादा और न्याय के प्रतीक के रूप में किया गया है. भारतीय संस्कृति में कोदंड यह संदेश देता है कि शक्ति का प्रयोग सदैव सत्य और धर्म के पक्ष में ही होना चाहिए.
Source: NDTV January 22, 2026 06:53 UTC