सवाल जवाब: मान-सम्मान और करियर में वृद्धि के लिए घर की इस दिशा में रखें ऐसा सामान - News Summed Up

सवाल जवाब: मान-सम्मान और करियर में वृद्धि के लिए घर की इस दिशा में रखें ऐसा सामान


सप्ताह का ज्ञानवास्तु के नियमों के अनुसार दक्षिण पश्चिम में भारी वस्तुओं और फर्नीचर का प्रयोग आत्मविश्वास में वृद्धि करता है। सुरक्षित रखता है। सुरक्षा का भाव पैदा करता है। ये स्थिति सामाजिक और पारिवारिक रसूख में वृद्धि करती है। करियर में यह स्थिति लाभ का सबब बनती है। अगर आलमारी बनाना या भारी फर्नीचर रखना संभव न हो, तो यहां भारी वास्तु, इमारत या पहाड़ की तस्वीरें या पेंटिंग रखना चाहिए।घर की कलह दूर करने के लिए शनिवार को गेहूं के साथ करें यह उपायआपके भविष्य का आईना है आपके नाम का प्रथम अक्षर (म)म नाम के लोग दृढ़निश्चयी, महत्वाकांक्षी और आंतरिक ऊर्जा से लबरेज होते हैं। इनकी सोच यथार्थवादी होती है। जिंदगी को लेकर ये प्रयोगधर्मी होते हैं और जीवन में कई नए-नए मार्ग, पद्धति और विचारों को आजमाते हैं। ये मानवीय गुणों से परिपूर्ण दूसरों के लिए बेहद सहायक व्यक्ति माने जाते हैं। इनकी बौद्धिक क्षमता कमाल की होती है। ये पारंपरिक व नैतिक मूल्यों के साथ ईमानदारी, श्रम और अनुशासन के बड़े पक्षधर होते हैं। अपने लक्ष्य के प्रति ये कभी भी भ्रमित नहीं होते। ये बेहद वफादार लोगों में शामिल किए जाते हैं। इन्हें किसी और के सामने खुलने में जरा वक्त लगता है। इनका आत्मविश्वास गजब का होता है। ये भावुक और संवेदनशील होते हैं, इसलिए कई बात अनजाने में अपना आपा खोकर क्रोध के शिकार हो जाते हैं। ये समय के साथ स्वयं को और अपने विचारों और आदतों को परिवर्तित करते रहते हैं। किसी भी बात को स्पष्ट और सीधे रखने में यकीन करते हैं, इसलिए ये जीवन में कई विरोधियों बना लेते हैं।प्रश्न: अगर बृहस्पति कर्क राशि में हों, तो कैसा फल देते हैं? -संदेश गुप्ताउत्तर: सद्‌गुरुश्री कहते हैं कि यदि कर्क राशि में बृहस्पति आसीन हों, तो व्यक्ति शुभ कर्मों की ओर आकृष्ट होकर अगले जन्म में उत्तम कुल में जन्म लेता है। यदि साथ में लग्न में उच्च का चंद्रमा हो और वह किसी पापी ग्रह से दृष्ट न हो, तो व्यक्ति जिंदगी को बहुत अच्छी तरह जीता है और जीवन का समापन बहुत शांति और हर्ष के साथ होता है, ऐसा पवित्र ग्रंथों में वर्णित है।इस तरह आत्मा को बदल सकते हैं महान आत्मा में, बस करें ये कामप्रश्न: औषधि दक्षिण में रखना चाहिए या नहीं? -मोना जैनउत्तर: नहीं, कदापि नहीं। वास्तु के सिद्धांत दक्षिण दिशा में दवा के संग्रह को अनुचित मानते हैं। यहां दवा रखने से दवा की खपत और विकार दोनों फलते-फूलते हैं। सद्‌गुरुश्री कहते हैं कि यदि दवाओं को उत्तर दिशा में रखा जाए, तो जीवन का शनै: शनै: औषधियों और बीमारियों से संबंध-विच्छेद होने लगता है, ऐसा मान्यताएं कहती हैं। यद्यपि इसका कोई वैज्ञानिक आधार अब तक प्राप्त नहीं है।अगर, आप भी सद्गुरु स्वामी आनंद जी से अपने सवालों के जवाब जानना चाहते हैं या किसी समस्‍या का समाधान चाहते हैं तो अपनी जन्‍मतिथ‍ि, जन्‍म समय और जन्‍म स्‍थान के साथ अपना सवाल saddgurushri@gmail.com पर मेल कर सकते हैं।सद्‌गुरुश्री स्वामी आनंदजी


Source: Navbharat Times October 11, 2021 05:15 UTC



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