ऐसे में कृषि वैज्ञानिकों (Agriculture Scientist) का कहना है कि किसानों को इस समय सब्जियों के अच्छे दाम मिल रहे हैं. इस रोग का रोग कारक फ्रेंच बीन राजमा के अतरिक्त कई अन्य फसलों को भी आक्रांत करता है जैसे ,बीन, ब्रैसिका, गाजर, धनिया, खीरा,सलाद, खरबूज, प्याज,कुसुम, सूरजमुखी, टमाटर जैसे फसलों के लिए घातक है. कृषि वैज्ञानिक की 4 टिप्सकृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि भूरा-भूरा नरम सड़ांध पत्तियों, फूलों या फली पर विकसित होती है, उसके बाद एक सफेद रूई जैसी संरचना (Cottony Mold ) का विकास होता है. काली सरसों के दाने जैसी (Black, Seed-Like Resting Bodies) संरचना बनती है, जिसे ‘स्क्लेरोटिया’ कहा जाता है, तने के अंदर मोल्ड विकसित होती है. पत्तियों और शाखाओं पर गिरने वाले संक्रमित फूल भी एक फसल के भीतर रोग को फैलाएंगे.
Source: Dainik Jagran January 14, 2022 15:48 UTC