Hindi NewsBusinessAnurag Thakur In Parliament; LIC IPO Issue To Be Reserved For PolicyholdersAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपसबसे बड़े आईपीओ की तैयारी: LIC IPO में पॉलिसी धारकों के लिए 10% हिस्सा होगा रिजर्वमुंबई 16 घंटे पहलेकॉपी लिंकएलआईसी का वैल्यूएशन करीबन 10-12 लाख करोड़ रुपए आने की उम्मीद है। इस आधार पर अगर कंपनी 10% हिस्सेदारी बेचती है तो वह इससे एक लाख करोड़ रुपए के करीब जुटा सकती हैबजट 2021-22 में सरकार ने कुल 1.75 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा हैLIC के पास कुल 32 करोड़ पॉलिसी है। इसकी 31 लाख करोड़ रुपए की संपत्तियां हैंअगर आपके पास भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की पॉलिसी है तो आप के लिए इसके IPO में रिजर्व कोटा होगा। इसके IPO में पॉलिसी धारकों के लिए 10% हिस्सा रिजर्व होगा। यह जानकारी वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने संसद में दी।सरकार मालिक बनी रहेगीठाकुर ने कहा कि सरकार अभी भी LIC में एक बड़े हिस्सेदार के रूप मालिक है। आगे भी इसी तरह से सरकार मालिक के रूप में रहेगी। पॉलिसी धारकों के हितों की रक्षा करने के लिए मैनेजमेंट का नियंत्रण सरकार के पास रहेगा।फाइनेंस बिल में था प्रस्तावबता दें कि 2021-22 के फाइनेंस बिल में यह प्रस्ताव है कि इसके पॉलिसी धारकों के लिए एक रिजर्व कोटा होगा। यह रिजर्व कोटा इसके कुल IPO का 10% तक होगा। राज्यसभा में ठाकुर ने कहा कि आईपीओ की प्रक्रिया जारी है।अगले वित्त वर्ष ेमें आएगा आईपीओइससे पहले बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि LIC का IPO अगले वित्त वर्ष में आ सकता है। यानी यह अप्रैल के बाद आएगा। संभावना है कि नवंबर-दिसंबर तक LIC का IPO आएगा। हालांकि पिछले बजट में ही इसके IPO की बात कही गई थी। लेकिन इसकी लंबी प्रक्रिया के कारण इस वित्त वर्ष में यह आईपीओ नहीं आ पाया।कई तरह के एक्ट बदले जाएंगेदेश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी के आईपीओ की प्रक्रिया जारी है। इसमें तमाम तरह के एक्ट को बदलने की जरूरत है। सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक असेट मैनेजमेंट (दीपम) इसकी प्रक्रिया कर रहा है। इसके वैल्यूएशन के लिए अक्चूरियल फर्म मिलिमैन एडवाइजर्स को चुना गया है। आईपीओ से पहले के ट्रांजेक्शन एडवाइजर्स के लिए SBI कैपिटल और डेलॉय को चुना गया है।1.75 लाख करोड़ जुटाने का लक्ष्यबजट 2021-22 में सरकार ने कुल 1.75 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा है। यह पैसा सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर जुटाया जाएगा। हालांकि इस वित्त वर्ष में 2.10 लाख करोड़ रुपए की जगह अभी तक 20 हजार करोड़ रुपए भी नहीं जुट पाए हैं। सरकार ने बजट में इस अनुमान को बदलकर 32 हजार करोड़ रुपए कर दिया है।एलआईसी के पास 32 करोड़ पॉलिसीबता दें कि LIC के पास कुल 32 करोड़ पॉलिसी है। इसकी 31 लाख करोड़ रुपए की संपत्तियां हैं। इसका वैल्यूएशन करीबन 10-12 लाख करोड़ रुपए आने की उम्मीद है। इस आधार पर अगर कंपनी 10% हिस्सेदारी बेचती है तो वह इससे एक लाख करोड़ रुपए के करीब जुटा सकती है। ऐसे में इसके पॉलिसी धारकों को 10 हजार करोड़ रुपए का हिस्सा रिजर्व कोटा में मिलेगा।
Source: Dainik Bhaskar February 09, 2021 13:02 UTC