उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष किया, उन्हें जरूर यह महसूस कराया जाना चाहिए कि वह राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. सचिन पायलट ने कहा कि ऐसा होता आया है कि सरकार के गठन के बाद पार्टी संगठन को हल्के में ले लिया जाता है. सचिन पायलट ने कहा कि सरकार का हिस्सा होने और RPCC प्रमुख के तौर पर यह उनकी जिम्मेदारी है कि पार्टी को दोबारा सत्ता में लाने के लिए कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए संघर्ष को पहचान मिले. उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहने और संघर्षों के दिन में पार्टी अध्यक्ष के रूप में राज्य के लोगों के साथ उनका अलग तरह का संबंध विकसित हुआ है और यही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है. समन्वय और घोषणापत्र कार्यान्वयन समिति के गठन पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि यह अच्छा कदम है.
Source: NDTV January 26, 2020 12:22 UTC