Hindi NewsLocalMpJabalpurMore Than 15 Thousand Infected Were Found In Jabalpur In 27 Days, 134 Lost In Government StatisticsAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपसंक्रमण का रिकॉर्ड टूटा: जबलपुर में 27 दिनों में 15 हजार से अधिक मामले आए, सरकारी आंकड़ों में 134 ने गंवाई जानजबलपुर एक दिन पहलेकॉपी लिंकअस्पतालों में अब भी एक-एक बेड की मारामारी चल रही है।जबलपुर में कोरोना संक्रमण ने अप्रैल में अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। कोरोना संक्रमण की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सितंबर 2020 में जब कोरोना पीक पर था, तो 5700 के लगभग लोग संक्रमित हुए थे। अब ये संख्या तीन गुना बढ़ गई। बीते मार्च की तुलना में छह गुणा लोग तेजी से संक्रमित हुए हैं। 27 दिनों में 11 हजार 147 लोग कोरोना से ठीक हुए।मौत ने इस बार अपनों को ज्यादा दर्द दिया। सरकारी आंकड़ों में 134 की तुलना में मुक्तिधामों व कब्रिस्तानों में 12 सौ से अधिक लोगों की कोविड गाइडलाइन के अनुसार अंतिम संस्कार हुआ। मंगलवार को जिले में कोरोना संक्रमण काबू में रहा और संक्रमित होने की तुलना में ठीक होने वालों की संख्या अधिक रही।795 लोग संक्रमित हुए तो 907 लोग स्वस्थ्य हुएजिले में मंगलवार को 3256 सैंपल की रिपोर्ट प्राप्त हुई। इसमें 795 लोग जहां संक्रमित हुए। वहीं 907 लोग कोरोना से स्वस्थ भी हुए। दो दिन पहले भी कोरोना को हराने वालों की यही संख्या थी। सात लोगों की मौत के बाद कुल मृतकों का सरकारी आंकड़ा 401 हो गया है। वहीं एक्टिव केस 6372 रह गई है।बढ़ने लगा रिकवरी रेटजिले में एक अप्रैल को रिकवरी रेट 92 प्रतिशत था, जो 19 अप्रैल तक 13 प्रतिशत नीचे आ गया था। हालांकि 23 अप्रैल से इसमें सुधार दिखने लगा। अब ये 83 प्रतिशत पर पहुंच चुका है। लगभग चार प्रतिशत का सुधार हुआ है। जिले में 4203 लोग जहां होम आइसोलेट हैं। वहीं 1456 लोग संदिग्ध हैं। जिले में 66 माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं।हकीकत की तस्वीर भयावहजिले में प्रशासन के दावे के उलट कोरोना से जान गंवाने वालों की संख्या 1206 है। यह आंकड़ा चौहानी मुक्तिधाम, तिलवारा मुक्तिधाम, बिलहरी और रानीताल कब्रिस्तान में कोविड संक्रमित बताकर किए गए शवों का है। इसमें से कई मरीज सीमावर्ती जिले के भी रहने वाले हैं, लेकिन सभी का इलाज जिले के विभिन्न अस्पतालों में हुआ। इसमें भी जबलपुर के लोगों की संख्या लगभग 30 प्रतिशत के लगभग है। शवों की संख्या इतनी अधिक हो जा रही है कि कई बार निगम को मेडिकल में शव अगले दिन के लिए रखवाने पड़ रहे हैं।अप्रैल में सारे रिकॉर्ड ध्वस्त
Source: Dainik Bhaskar April 28, 2021 03:49 UTC