श्रीलंका / सिंहला-मुस्लिम समुदाय में झड़प, सरकार की जनता से अपील- 48 घंटे में जमा कराएं हथियार - News Summed Up

श्रीलंका / सिंहला-मुस्लिम समुदाय में झड़प, सरकार की जनता से अपील- 48 घंटे में जमा कराएं हथियार


Dainik Bhaskar May 06, 2019, 06:14 PM IST21 अप्रैल को श्रीलंका के चर्चों और स्कूलों में 8 सीरियल ब्लास्ट हुए थे, इसमें 253 लोग मारे गएधमाकों के बाद 2 समुदायों के बीच टकराव का यह पहला मामलाथानों में धारदार हथियार सौंपने का समय 48 घंटे बढ़ाया गयाकोलंबो. श्रीलंका के नेगोंबो में स्थानीय सिंहला समुदाय और मुस्लिमों के बीच भिड़ंत हो गई। पुलिस ने सोमवार को इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। श्रीलंका के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर सुमित अटापट्टू ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहले कर्फ्यू लगाया गया था। हालांकि, सुबह ही इसे हटा लिया गया। अफवाहों को रोकने के लिए शहर में सोशल मीडिया साइट्स बैन कर दी गई हैं। सरकार ने लोगों से तलवार, धारदार हथियार और सेना की वर्दी सौंपने के लिए 48 घंटे की डेडलाइन दी है। ईस्टर हमले के बाद मस्जिदों और घरों में पुलिस की छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में तलवार और धारदार हथियार मिले थे। इसके बाद पुलिस ने यह कदम उठाया है।नेगोंबो के चर्च में हुआ था ब्लास्टश्रीलंका में 21 अप्रैल को हुए सीरियल ब्लास्ट में आतंकियों ने नेगोंबो के एक चर्च को निशाना बनाया था। हालांकि, धमाकों के बाद दोनों समुदाय में टकराव का यह पहला मामला है। बताया गया है कि अधिकारी शहर में रविवार को स्कूलों को दोबारा खोलने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच सिंहला और मुस्लिमों के बीच टकराव हो गया। उपद्रवियों ने मोटरसाइकिलों और टैक्सियों में तोड़फोड़ की। फिलहाल सरकार ने इलाके में स्पेशल टास्क फोर्स कमांडो तैनात किए हैं। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।इमरजेंसी में सुरक्षाबलों को कार्रवाई की पूरी छूटश्रीलंका सरकार ने सीरियल धमाकों के बाद देश में इमरजेंसी लगा दी थी। करीब 10 हजार सैनिक आतंकी ठिकानों पर छापेमारी में जुटे हैं। अब तक 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इसमें पाकिस्तानी नागरिकों का एक समूह भी शामिल है। सुरक्षाबलों और पुलिस को संदिग्धों पर कार्रवाई करने या गिरफ्तार करने की पूरी ताकत दी गई है।पिछले साल भी हुई थी सामुदायिक हिंसापिछले साल भी कैंडी शहर में बौद्ध सिंहला और मुस्लिमों के बीच संघर्ष हुआ था। बौद्ध समुदाय का आरोप था कि मुस्लिम संस्थाएं और इनसे जुड़े लोग जबरन धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। दोनों समुदाय के बीच हिंसक भिड़ंत हुई थीं। बाद में सरकार को कर्फ्यू का ऐलान करना पड़ा था।


Source: Dainik Bhaskar May 06, 2019 06:56 UTC



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