शूल योग में हेमंत सोरेन ने लिया शपथ ग्रहण, इस तरह चलेगी सरकार - News Summed Up

शूल योग में हेमंत सोरेन ने लिया शपथ ग्रहण, इस तरह चलेगी सरकार


सचिन मल्होत्रा/ज्योतिषशास्त्री। 29 दिसंबर को दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर जब झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के नेता हेमंत सोरेन ने दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपत ग्रहण ली तब सभी ग्रह तीन राशियों में रहकर शूल योग का निर्माण कर रहे थे। यह दूसरी बार है जब हेमंत सोरेन राज्य के मुख्यमंत्री पद का दायित्व संभालने जा रहे हैं। झारखण्ड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के गठबंधन की सरकारें राज्य में पहले भी रही हैं लेकिन वह अपना कार्यकाल पूरा करने में कभी सफल नहीं हुई।हेमंत सोरेन के पिता शीबू सोरेन स्वयं तीन बार गठबंधन सरकार में अल्प समय के लिए मुख्यमंत्री रहे किन्तु हर बार वह कोई विशेष उपलब्धि हासिल करने में विफल रहे। हेमंत सोरेन की कुंडली में चल रही शुभ ग्रह गुरु की शानदार दशा उनके कार्यकाल में कुछ बड़ी राजनीतिक सफलता मिलने के ज्योतिषीय संकेत दे रही है।हेमंत सोरेन की शपथ ग्रहण कुंडली और जन्म कुंडली के योगों को देखने से पता चलता है कि झारखण्ड की नयी सरकार प्रदेश की जनता की लिए क्या करने जा रही है। चंद्र-शुक्र की युति से यह मालूम होता है कि इनकी सरकार में जल, जंगल, जमीन और महिलाओं के कल्याण पर जोर रहेगा।हेमंत सोरेन की वृषभ लग्न की शपथ ग्रहण कुंडली में स्त्री और जल तत्व प्रधान ग्रहों चन्द्रमा और शुक्र की युति इस बात का स्पष्ट ज्योतिषीय संकेत है कि इनकी सरकार तुरंत राज्य के आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन से जुड़े हितों के संरक्षण और विकास के लिए कोई कानून ला सकती है।2020 का राशिफल जानें टैरो कार्ड सेचन्द्रमा और शुक्र दोनों स्त्री कारक ग्रह होने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों और जल स्रोतों का प्रतिनिधित्व करते हैं। नवम भाव में स्थित ये दोनों स्त्री कारक ग्रह हेमंत सोरेन की सरकार को राज्य की महिलाओं में विशेष रूप से लोकप्रियता प्रदान करेंगे। लेकिन विवाद स्थान यानी अष्टम भाव में बैठे शनि, सूर्य, केतु, बुध और गुरु का अशुभ योग हेमंत सोरेन की सरकार को राज्य के खनिज संसाधनों के उत्खनन संबंधी नीतियों में बदलाव के कारण किसी बड़े विवाद में फंसा सकता है।ध्यान देने योग्य बात यह है कि सूर्य ने महत्वपूर्ण ग्रहों जैसे दशमेश शनि, गुरु और बुध को अस्त किया हुआ है जिस कारण हेमंत सोरेन की सरकार का केंद्र की मोदी सरकार से आने वाले समय में टकराव बेहद तल्ख हो सकता है। शपथ ग्रहण कुंडली में विपक्ष स्थान यानी सप्तम भाव में वृश्चिक राशि का मंगल भी इस बात का संकेत दे रहा है कि हेमंत सोरेन सरकार को भाजपा से कड़ी चुनौती मिलेगी। कदम-कदम पर इन्हें विरोध का सामना करना होगा।जन्मतिथि से जानिए 2020 का भविष्यफलक्या कार्यकाल पूरा करेगी हेमंत सोरेन सरकार? इनकी जन्म कुंडली के पंचम भाव में बैठे शुभ ग्रह गुरु की महादशा में केतु का अंतर चल रहा है जो कि संघर्ष के स्थान यानी छठे भाव में पंचमेश मंगल के साथ स्थित हैं। केतु की अन्तर्दशा हेमंत सोरेन की कुंडली में 10 महीने तक चलेगी बाद में नवम भाव में बैठे लाभेश शुक्र की दशा में उनकी सरकार की लोकप्रियता में इजाफा होगा। हेमंत सोरेन की कुंडली में गुरु वर्गोत्तम है और शुक्र पर कारक ग्रह मंगल की दृष्टि है इस कारण से विवादों के बावजूद उनकी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी।


Source: Navbharat Times December 29, 2019 09:45 UTC



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