ईरान को समझने के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि यहां की सत्ता धर्म, सेना, 1979 की क्रांति और वैचारिक मतभेदों के साथ गहराई से जुड़ी है. महिलाओं को वोट का अधिकार मिला, पर्दा हटाने को प्रोत्साहित किया गया और पश्चिमी लाइफस्टाइल को अपनाने की कोशिश हुई. इस प्रदर्शन के दौरान लोग ईरान के दिवंगत शाह के निर्वासित बेटे रजा पहलवी का नाम लेने लगे. लेकिन आज लोग नारे लगा रहे हैं और कह रहे हैं कि यह आखिरी लड़ाई है. अब सवाल सिर्फ सरकार का नहीं था, बल्कि यह तय हो रहा था कि व्यक्तिगत आजादी की सीमा क्या होगी और धर्म राज्य को कितना नियंत्रित करेगा.
Source: NDTV January 14, 2026 06:23 UTC