शानदार वास्तुकला के दर्शन करना चाहते हैं तो आंध्र प्रदेश के इन लोकप्रिय मंदिरों में एक बार जरूर जाएं - News Summed Up

शानदार वास्तुकला के दर्शन करना चाहते हैं तो आंध्र प्रदेश के इन लोकप्रिय मंदिरों में एक बार जरूर जाएं


श्रीकालाहस्ती मंदिर चित्तूर - Srikalahasti Temple, Chittoor in Hindi श्रीकालहस्ती मंदिर आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र के चित्तूर जिले में स्थित है। श्रीकालहस्ती का मंदिर उन भक्तों के बीच बेहद लोकप्रिय है, जो तिरुपति मंदिर के साथ-साथ इस मंदिर में भी दर्शन करने के लिए आते हैं। ये मंदिर तिरुपति से 36 किमी दूर है। मंदिर भगवान शिव को समर्पित है जो हिंदुओं के लिए अत्यधिक धार्मिक महत्व रखता है और इसका निर्माण वर्ष 1516 में विजयनगर साम्राज्य के राजा कृष्णदेवराय द्वारा किया गया था। मंदिर का प्रवेश द्वारा बेहद ही अद्भुत दृश्य पेश करता है और इसमें कई पौराणिक चित्रों की जटिल नक्काशी भी की गई है। इस भव्य मंदिर को अक्सर दक्षिण के कैलासा और काशी के रूप में जाना जाता है। मंदिर पांच तत्वों में से एक का प्रतिनिधित्व करता है और वो है वायु। केरल के 7 प्रसिद्ध मंदिर, जहां धर्म और संस्‍कृति दोनों के किए जाते हैं दर्शन (फोटो साभार : Wikimedia commons)कनक दुर्गा मंदिर विजयवाड़ा - Kanaka Durga Temple Vijayawada in Hindi कनक दुर्गा मंदिर देवी दुर्गा को समर्पित एक प्रसिद्ध मंदिर है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा जिले में स्थित यह अद्भुत वास्तुकला द्रविड़ शैली में निर्मित है। मंदिर कृष्णा नदी के किनारे, इन्राकीलाद्री की पहाड़ियों से घिरा हुआ है। मंदिर का उल्लेख कई पवित्र ग्रंथों और वैदिक साहित्य में भी मिलता है। आंध्र प्रदेश का कनक दुर्गा मंदिर देश में स्थित कई शक्तिपीठों में से एक है। देवी यहां अपने महिषासुरमर्दिनी रूप में स्थापित हैं, साथ ही मारे गए राक्षस राजा महिषासुर की मूर्ती भी यहां मौजूद है। इस मंदिर के प्रति लोगों का विश्वास है कि यहां आने वाले हर श्रद्धालु की मनोकामना पूर्ण होती है। इसलिए यहां हर सालों हजारों में भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं। तेलंगाना के इन खूबसूरत मंदिरों के बारे में आप भी जानिए, देश के कई हिस्सों से दर्शन करने के लिए (फोटो साभार : Wikimedia commons)मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर श्रीशैलम - Mallikarjuna Swamy Temple, Srisailam in Hindi कृष्णा नदी के दक्षिणी तट पर एक मंदिर है, जिसके लिए श्रीशैलम शहर बेहद मशहूर है। मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर, शहर का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है, जिसे विजयनगर के राजा हरिहर राय ने बनवाया था। पौराणिक कथा के अनुसार, ऋषि ब्रिंगी ने सिर्फ भगवान शिव की पूजा की थी, जिस वजह से पार्वती ने नराज होकर ऋषि ब्रिंगी को खड़े रहने का श्राप दिया था। भगवान शिव ने देवी को समझाने के बाद ऋषि ब्रिंगी को एक तीसरा पैर दे दिया, ताकि वे आराम से खड़े हो सकें। यहां तीन पैरों पर खड़े ऋषि ब्रिंगी की मूर्ति के साथ-साथ नंदी, सहस्रलिंग और नटराज की मूर्तियां भी स्थापित हैं। मंदिरों की दीवारों और स्तंभों को भी सुंदर नक्काशी और मूर्तियों से सजाया गया है। शहर के सबसे खूबसूरत मंदिरों में से एक, यह नल्लामाला पहाड़ियों पर स्थित एक पवित्र संरचना है, जिसे आपको जरूर देखने जाना चाहिए। रामेश्वरम के इन लोकप्रिय मंदिरों में एक बार जाकर देखिए, बेहद ही पवित्र माने जाते हैं ये मंदिर (फोटो साभार : TOI)


Source: Navbharat Times August 09, 2021 12:11 UTC



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