पूरी तरह सुरक्षित रहने के लिए एक से ज्यादा शॉट चाहिए वैक्सीन का सिंगल शॉट डबल डोज के मुकाबले में कम असरदार हो सकता है और यही कारण है कि जिन लोगों को पहला शॉट दिया जा चुका है, उन्हें दूसरा शॉट भी वक्त पर लेने के लिए कहा जा रहा है। अभी जिन वैक्सीन को लगाने की इजाजत दी गई है उनमें से ज्यादातर को पूरी तरह से प्रभावी बनाने के लिए दो-डोज की जरूरत होती है। एहतियाती कदम न उठाने या सावधानी न बरतने का मतलब वायरस के आपके शरीर में पहुंचने की पूरी संभावना है और आप इसे दूसरों में भी ट्रांसमिट कर सकते हैं।कोविड-19 वैक्सीनेशन के बाद भी संक्रमित होने पर क्या होता है? कोविड वैक्सीनेशन के बाद भी आप कभी भी संक्रमित हो सकते हैं। संक्रामक वायरस की चपेट में आते ही शरीर में एंटीबॉडी विकसित होना शुरू हो जाते हैं। लेकिन यह किसी को फिर से बीमार होने से बचाने के लिए पर्याप्त नहीं है। जैसा कि बहुत सारे लोग वायरस से एक से ज्यादा बार संक्रमित हो चुके हैं। इसलिए, हम सभी को ये मालूम होना चाहिए कि हमारी सेहत के लिए खतरा पैदा करने वाले वायरस अभी भी मौजूद हैं। साथ ही मास्क और सोशल डिस्टेसिंग अभी भी बीमार होने से बचने का सबसे अच्छा तरीका है।
Source: Navbharat Times February 08, 2021 10:07 UTC