विनिवेश प्रक्रिया: BPCL की 52.98% हिस्सेदारी के लिए 3-4 कंपनियों ने लगाई बोली, रिलायंस-अरामको ने बनाई दूरी - News Summed Up

विनिवेश प्रक्रिया: BPCL की 52.98% हिस्सेदारी के लिए 3-4 कंपनियों ने लगाई बोली, रिलायंस-अरामको ने बनाई दूरी


Hindi NewsBusinessSeveral EoIs Received For BPCL Sale, Giants RIL, Aramco, BP Not In RaceAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपविनिवेश प्रक्रिया: BPCL की 52.98% हिस्सेदारी के लिए 3-4 कंपनियों ने लगाई बोली, रिलायंस-अरामको ने बनाई दूरीनई दिल्ली 16 घंटे पहलेकॉपी लिंकनिजीकरण प्रक्रिया में कई ग्लोबल कंपनियों ने नहीं लिया हिस्सासभी EoI की स्क्रूटनी के बाद होगी दूसरे चरण की प्रक्रियानामी कंपनियों के दूरी बनाने से शेयरों में 3% से ज्यादा की गिरावटभारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) के बहुप्रतीक्षित निजीकरण के लिए 3-4 कंपनियों ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) जमा कर दी है। इसके साथ ही कंपनी के निजीकरण की पहली प्रक्रिया पूरी हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, कई दिग्गज एनर्जी कंपनियों ने बोली प्रक्रिया से दूरी बनाए रखी है।स्क्रूटनी के बाद शुरू होगी दूसरे चरण की प्रक्रियाडिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक असेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सचिव ने ट्विट कर कहा है कि BPCL के रणनीतिक निवेश के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर को कई EoI मिले हैं। ट्रांजेक्शन एडवाइजर की ओर से स्क्रूटनी के बाद ही अगले चरण की प्रक्रिया होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी कहा है कि BPCL के विनिवेश की प्रक्रिया प्रगति पर है। वित्त मंत्री ने ट्वीट में कहा है कि अब कई EoI मिलने के बाद अब दूसरे चरण की प्रक्रिया होगी।Strategic disinvestment of BPCL progresses: Now moves to the second stage after multiple expressions of interest have been received. @PIB_India @FinMinIndia https://t.co/bDNx6gw3d2 — Nirmala Sitharaman (@nsitharaman) November 16, 2020EoI जमा करने वालों में कोई नामी कंपनी नहींBPCL के निजीकरण के लिए EoI जमा करने के अंतिम तिथि सोमवार को ही समाप्त हुई है। इसमें सरकार की 52.98% हिस्सेदारी खरीदने के लिए कई कंपनियों ने EoI जमा की है। सूत्रों का कहना है कि EoI जमा करने वालों में कोई बड़ा नाम शामिल नहीं हैं। सूत्र के मुताबिक, दिग्गज ग्लोबल कंपनी सऊदी अरामको, टोटल, ब्रिटेन की ब्रिटिश पेट्रोलियम और रूस की रॉसनेट ने भी EoI दाखिल नहीं की है।रिलायंस ने भी नहीं जमा की EoIसूत्रों का कहना है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) और UAE की अबु धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) BPCL के लिए बोली लगाने पर विचार कर रही थीं। लेकिन रिलायंस ने EoI जमा नहीं की है। ADNOC की ओर से EoI जमा करने को लेकर जानकारी नहीं मिल पाई है। ADNOC पहले से ही भारत में मौजूद है। यह एकमात्र कंपनी है जिसने भारतीय गुफाओं में क्रूड ऑयल स्टोर किया है।तेल की कम मांग के कारण दिग्गज कंपनियों ने बनाई दूरीइंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर तेल की मांग में कमी आ रही है। इसके अलावा इसकी कीमतें भी निचले स्तर पर बनी हुई हैं। शायद यही कारण है कि दिग्गज कंपनियों ने BPCL के निजीकरण की प्रक्रिया से दूरी बनाए रखी है। सरकार के पास BPCL के 1,14,91,83,592 इक्विटी शेयर हैं जो 52.98% हिस्सेदारी के बराबर हैं। सरकार इस पूरी हिस्सेदारी को बेचना चाहती है। साथ ही सरकार संभावित खरीदार को मैनेजमेंट कंट्रोल भी देगी।शेयरों में 3% से ज्यादा की गिरावटनिजीकरण प्रक्रिया से दिग्गज कंपनियों के दूरी बनाए रखने से BPCL के शेयरों में गिरावट आ गई है। मंगलवार को सुबह के कारोबारी सत्र में BPCL के शेयर 3.59% की गिरावट के साथ 397.90 रुपए प्रति यूनिट पर कारोबार कर रहे हैं। इस कीमत पर शेयर बिक्री से सरकार को 47 हजार करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है। इस समय BPCL का मार्केट कैप 86 हजार करोड़ से ज्यादा है।चार बार बढ़ी है EoI जमा करने की डेडलाइनBPCL को बेचने की रणनीतिक प्रक्रिया कोरोनावायरस महामारी के कारण प्रभावित हुई है। इस कारण सरकार को EoI जमा करने की डेडलाइन को चार बार बढ़ाना पड़ा है। इससे पहले EoI जमा करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर थी। उस समय भी कंपनी को उम्मीद के मुताबिक EoI नहीं मिली थीं। कोविड-19 के कारण बिक्री प्रक्रिया प्रभावित होने के बाद सरकार ने ई-मेल के जरिए EoI जमा करने को मंजूरी दी थी।चालू वित्त वर्ष में 2.10 लाख करोड़ रुपए के विनिवेश का लक्ष्यकेंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 2.10 लाख करोड़ रुपए के विनिवेश का लक्ष्य तय किया है। इसमें 1.20 लाख करोड़ रुपए सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSE) की हिस्सेदारी बेचकर जुटाए जाएंगे। वहीं, 90 हजार करोड़ रुपए वित्तीय संस्थानों की हिस्सेदारी बिक्री से जुटाए जाएंगे। इसमें LIC की हिस्सेदारी बिक्री भी शामिल है। चालू वित्त वर्ष में CPSE की हिस्सेदारी बिक्री से अब तक सरकार को 6,138 करोड़ रुपए मिले हैं।


Source: Dainik Bhaskar November 17, 2020 04:58 UTC



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