विनिवेश कार्यक्रम: DIPAM ने विश्व बैंक के साथ किया समझौता, सरकारी कंपनियों के असेट मोनेटाइजेशन में सलाह देगा अंतरराष्ट्रीय बैंक - News Summed Up

विनिवेश कार्यक्रम: DIPAM ने विश्व बैंक के साथ किया समझौता, सरकारी कंपनियों के असेट मोनेटाइजेशन में सलाह देगा अंतरराष्ट्रीय बैंक


Hindi NewsBusinessDIPAM Signs Pact With World Bank For Advices On Asset Monetization Of CpseAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपविनिवेश कार्यक्रम: DIPAM ने विश्व बैंक के साथ किया समझौता, सरकारी कंपनियों के असेट मोनेटाइजेशन में सलाह देगा अंतरराष्ट्रीय बैंकनई दिल्ली 6 घंटे पहलेकॉपी लिंकनिवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) को रणनीतिक विनिवेश कार्यक्रम के तहत सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSE) की नॉन-कोर परिसंपत्तियों का मोनेटाइजेशन करने की जिम्मेदारी दी गई हैवित्त मंत्रालय द्वारा मंजूर विश्व बैंक के एडवायजरी प्रोजेक्ट के तहत भारत में सरकारी परिसंत्तियों के मोनेटाइजेशन का विश्वेषण किया जाएगाअंतरराष्ट्रीय बेस्ट प्रैक्टिसेज की तुलना में सरकारी परिसंपत्तियों के इंस्टीट्यूशनल और बिजनेस मॉडल की बेंचमार्किंग की जाएगीप्रोजेक्ट के तहत ऑपरेशनल गाइडलाइंस का विकास और उसके कार्यान्वयन के लिए कैपिसिटी बिल्डिंग में मदद की जाएगीDIPAM ने सोमवार को विश्व बैंक के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया। इसके तहत असेट मोनेटाइजेशन के मामले में विश्व बैंक सलाह देगा। निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) को रणनीतिक विनिवेश कार्यक्रम के तहत सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSE) की नॉन-कोर परिसंपत्तियों का मोनेटाइजेशन करने की जिम्मेदारी दी गई है।एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि वित्त मंत्रालय द्वारा मंजूर विश्व बैंक के एडवायजरी प्रोजेक्ट के तहत भारत में सरकारी परिसंत्तियों के मोनेटाइजेशन का विश्वेषण किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय बेस्ट प्रैक्टिसेज के मुकाबले सरकारी परिसंपत्तियों के इंस्टीट्यूशनल और बिजनेस मॉडल की बेंचमार्किंग की जाएगी। इसके अलावा प्रोजेक्ट के तहत ऑपरेशनल गाइडलाइंस का विकास और उसके कार्यान्वयन के लिए कैपिसिटी बिल्डिंग में मदद की जाएगी।असेट मोनेटाइजेशन की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीदबयान के मुताबिक उम्मीद की जा रही है कि प्रॉजेक्ट से नॉन-कोर असेट मोनेटाइजेशन की प्रक्रिया में तेजी आएगी। साथ ही इन अनयूज्ड या मार्जिनली यूज्ड असेट्स का वैल्यू अनलॉक करने में मदद मिलेगी। ये असेट्स आगे के निवेश और विकास के लिए फाइनेंशियल रिसोर्सेज में भारी बढ़ोतरी कर सकते हैं।सरकार ने विनिवेश से 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा हैनॉन-कोर असेट्स की बिक्री से जो रकम हासिल होगी, वह सरकार की विनिवेश आय मानी जाएगी। इस कारोबारी साल में सरकार ने विनिवेश से 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसमें से 1.20 लाख करोड़ रुपए CPSE के विनिवेश से जुटाया जाना है।


Source: Dainik Bhaskar November 16, 2020 15:22 UTC



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