विदेशी निवेश के लिए लेनी होगी मंजूरी: अक्टूबर 2021 से पहले डिजिटल मीडिया में विदेशी निवेश 26% से कम करना होगा - News Summed Up

विदेशी निवेश के लिए लेनी होगी मंजूरी: अक्टूबर 2021 से पहले डिजिटल मीडिया में विदेशी निवेश 26% से कम करना होगा


Hindi NewsBusinessForeign Investment In Digital Media To Be Reduced By 26% Before October 2021Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपविदेशी निवेश के लिए लेनी होगी मंजूरी: अक्टूबर 2021 से पहले डिजिटल मीडिया में विदेशी निवेश 26% से कम करना होगामुंबई 13 घंटे पहलेकॉपी लिंकजिन कंपनियों में फिलहाल इक्विटी का स्ट्रक्चर है और विदेशी निवेश 26% से ज्यादा है, उन्हें भी इसी तरह का डिटेल्स देना होगा। उन्हें एक महीने के भीतर यह बताना होगा कि वे कैसे और किस तरह से विदेशी हिस्सेदारी को कम करेंगीकेंद्र सरकार ने बुधवार को कहा था कि OTT प्लेटफॉर्म समेत ऑनलाइन न्यूज पोर्टल भी अब इन्फर्मेशन एंड ब्रॉडकास्ट मिनिस्ट्री के दायरे में आएंगेहिस्सेदारी कम करने के लिए डिजिटल कंपनियों को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगीडिजिटल मीडिया को रेगुलेट करने की दिशा में सरकार ने पहला कदम उठाया है। ऐसी कंपनियां जिनमें विदेशी निवेश 26% से ज्यादा है, उन्हें कम करके इसे 26% पर लाना होगा। इसके लिए सरकार ने अगले साल अक्टूबर तक का समय दिया है।डिजिटल में शामिल सभी पर लागू होगा आदेशजानकारी के मुताबिक डिजिटल मीडिया कंपनियां जो समाचार और करेंट अफेयर्स के सेगमेंट में शामिल हैं, उन्हें इसका पालन करना होगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर जारी आदेश के मुताबिक इस तरह की कंपनियों को भारत के विदेशी फंडिंग के नियमों का पालन करना होगा। आदेश के मुताबिक जिन कंपनियों में 26% से ज्यादा हिस्सेदारी होगी उन्हें इसे कम करना होगा। जिन कंपनियों में 26% से कम विदेशी हिस्सेदारी है, उन्हें इससे संबंधित पूरा डिटेल्स एक महीने के अंदर देना होगा।शेयर होल्डिंग की पूरी जानकारी देनी होगीइसमें शेयर होल्डिंग से संबंधित पूरी जानकारी होनी चाहिए। इसके साथ ही संस्थान का स्थाई खाता संख्या, ऑडिट रिपोर्ट के साथ नवीनतम प्रॉफिट एंड लॉस बैलेंस शीट की भी सूचना मंत्रालय को देनी होगी। आदेश के मुताबिक इस तरह की कंपनियों को उनके डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स और शेयर धारकों की पूरी जानकारी सरकार को देनी होगी।इक्विटी स्ट्रक्चर वाली कंपनियों को भी देनी होगी जानकारीवो कंपनियां, जिनका फिलहाल इक्विटी का स्ट्रक्चर है और विदेशी निवेश 26% से ज्यादा है, उन्हें भी इसी तरह का डिटेल्स देना होगा। उन्हें एक महीने के भीतर यह बताना होगा कि वे कैसे और किस तरह से विदेशी हिस्सेदारी को कम करेंगी। हिस्सेदारी कम करने के लिए उन्हें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी। बता दें कि पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने डिजिटल मीडिया के जरिए अपलोडिंग या खबरों के प्रसारण या करेंट अफेयर्स से जुड़ी कंपनियों में विदेशी निवेश को घटाने की जरूरत बताई थी। उसी के एक साल बाद अब यह फैसला आ गया है।नए निवेश के लिए लेनी होगी मंजूरीअब वे कंपनियां जो नया विदेशी निवेश इस सेक्टर में लाना चाहती हैं उन्हें भी केंद्र सरकार से मंजूरी लेनी होगी। यह मंजूरी फॉरेन इ्न्वेस्टमेंट फेसिलिटेशन पोर्टल से लेनी होगी। यह पोर्टल DPIIT के रूप में है।इससे पहले पिछले हफ्ते ही सरकार ने डिजिटल मीडिया को रेगुलेशन के तहत लाने की बात कही थी। जिसके तहत नेटफ्लिक्स, अमेजन जैसे OTT प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन न्यूज, करंट अफेयर्स और ऑडियो-विजुअल कंटेंट देने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म अब सरकार की निगरानी के दायरे में आएंगे।केंद्र सरकार ने बुधवार को नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें कहा गया था कि OTT प्लेटफॉर्म समेत ऑनलाइन न्यूज पोर्टल भी अब इन्फर्मेशन एंड ब्रॉडकास्ट मिनिस्ट्री के दायरे में आएंगे।


Source: Dainik Bhaskar November 16, 2020 12:21 UTC



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