वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को अपनी पहली प्री-बजट परामर्श बैठक आयोजित करने जा रही हैं जिसमें वे कृषि निकायों और कृषि विशेषज्ञों के साथ बातचीत करेंगी। इस बैठक में महाराष्ट्र जैसे राज्यों में सूखे की स्थिति और मानसून में देरी जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। मोदी सरकार 2.0 के सत्ता में आने पर देश की पहली महिला पूर्णकालिक वित्त मंत्री बनीं सीतारमण की यह पहली परामर्श बैठक होगी। गौरतलब है कि निर्मला सीतारमण 5 जुलाई को मोदी सरकार 2.0 का पहला पूर्ण बजट पेश करने जा रही हैं।सूत्रों के अनुसार, इस परामर्श बैठक में वित्त मंत्री कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों की आय दोगुनी करने के संबंध में विभिन्न कृषि संगठनों और कृषि अर्थशास्त्रियों से उनके विचार लेंगी। इस बैठक में विशेष रूप से मछली पालन, मुर्गी पालन और पशुपालन जैसी कृषि की सहायक गतिविधियों पर बातचीत होगी। आपको बता दें कि सरकार ने अलग से मत्स्य विभाग की स्थापना की है और इस क्षेत्र के विकास के लिए एक अलग से कैबिनेट मंत्री भी नियुक्त किया है।अधिकतर कृषि निकायों ने तो बैठक से पहले ही अपने विचार और मांगें वित्त मंत्रालय के पास भेज दिया है। कृषि निकायों के साथ बैठक के बाद वित्त मंत्री सीतारमण पूर्व बजट परामर्श प्रक्रिया के अंतर्गत औद्योगिक निकायों के साथ भी विचार-विमर्श करेगीं। इसमें एफडीआई के प्रवाह और औद्योगिक उत्पादन को बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। गौरतलब है कि पूर्व की एनडीए सरकार ने आम चुनाव से पहले फरवरी में 2019-20 के लिए अंतरिम बजट पेश किया था और अब मोदी सरकार 2.0 नियमित बजट पेश करने जा रही है। वित्त मंत्रालय ने इस बात के भी संकेत पहले दे दिये थे कि अंतरिम बजट में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों को किये गए आवंटन में बड़ा बदलाव नहीं किया जाएगा।लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: Pawan Jayaswal
Source: Dainik Jagran June 10, 2019 06:20 UTC