आपको मोदी जी तो बोल ही सकता हूं ना? दरअसल क्या है कि आपने खुद को इतने नाम दे रखे हैं कि लोग भ्रमित हो जाते हैं कि आपको किस नाम से पुकारें। चायवाला, फकीर, प्रधान सेवक, चौकीदार, साहेब, और न जाने क्या-क्या! 'उन्होंने आगे लिखा, 'आप स्वतंत्र भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिनके कई चेहरे हैं। जो कि अपनी सुविधानुसार उन चेहरों का मतदाताओं को लुभाने के लिए इस्तेमाल करता है। लेकिन इनमें से आपका असली चेहरा है कौन सा? लोग पहचान ही नहीं पा रहे हैं कि आपका असली चेहरा कौन सा है। क्या आपको याद है कि आपका असली चेहरा कौन सा है? इससे पहले कि आप झूठ का एक और नकाब पहन कर जनता के बीच आएं, मैं आपको यह आईना तोहफा स्वरूप भेज रहा हूं।'
Source: Navbharat Times April 01, 2019 07:03 UTC