लेकि बाद में रवि किशन ने बीजेपी सांसद मनोज तिवारी का दामन थामा और बीजेपी का कमल अपनी शर्ट की जेब पर लगा लिया. गोरखपुर की सीट योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद खाली हुई थी जहां पिछले साल हुए उपचुनाव में बीजेपी की क़रारी हार हुई. एनडीटीवी की टीम ने जब गोरखपुर में रवि किशन के बारे में बीजेपी के कार्यकर्ताओं से बात की तो वे बहुत संतुष्ट नज़र नहीं आए. महागठबंधन के उम्मीदवार रामभुआल निषाद के पास गोरखपुर के ही होने का फ़ायदा है तो गोरखपुर के 4 लाख निषाद वोटों का साथ भी उन्हें मिल सकता है. कांग्रेस ने गोरखपुर से मधूसूदन तिवारी को मैदान में उतारा है जो कि रवि किशन शुक्ला के ब्राह्मण वोट काट सकते हैं.
Source: NDTV May 10, 2019 08:37 UTC