4 /5 यह स्थिति बताती है कि शिवजी की करें पूजायदि किसी व्यक्ति की हथेली में हृदय रेखा पर त्रिशूल बनता हो तो उसे भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए। हस्तरेखा शास्त्र के मुताबिक यह इस बात का संकेत होता है कि अमुक व्यक्ति के आराध्य बाबा भोलेनाथ हैं और उसे उनकी पूजा करनी चाहिए। नियमित रूप से इच्छानुसार 11,21,51 और 108 बार ऊं नम: शिवाय का जप भी कर सकते हैं। ऐसा करने से व्यक्ति को जीवन में आने वाली परेशानियों से निजात मिलती है। लेकिन इस जप का भी यही विधान है कि जितनी बार इसे पढ़ने का संकल्प लिया आए नियमित रूप से उतरी बार नियत समय पर जप करते रहें।
Source: Navbharat Times February 08, 2021 06:11 UTC