डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रूसी झंडा लगे एक तेल टैंकर को जब्त किए जाने के मामले में गलतबयानी सामने आई है। उन्होंने दावा किया था कि टैंकर से तेल निकाला जा रहा है। जबकि वास्तविकता यह है कि जब्त करने के दौरान टैंकर खाली था और वह तेल नहीं ले जा रहा था।ट्रंप ने फाक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में गुरुवार को यह स्पष्ट करने इन्कार किया कि अटलांटिक महासागर में रूसी झंडा लगे तेल टैंकर को जब्त करने के बाद उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की थी।उन्होंने एक प्रश्न पर कहा, 'मैं यह बताना नहीं चाहता, लेकिन सच यह है कि जब हम वहां पहुंचे तो दो रूसी जहाज एक पनडुब्बी और एक विध्वंसक, बहुत जल्दी वहां से चले गए। हमने टैंकर पर कब्जा कर लिया और अभी तेल उतारा जा रहा है।' हालांकि उनके इस दावे पर एनालिटिक्स फर्म केप्लर ने बताया कि जब्त करने के दौरान टैंकर पर कोई तेल नहीं था।उल्लेखनीय है कि अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने बुधवार को उत्तरी अटलांटिक में रूसी झंडा लगे मैरिनेरा (पूर्व में बेला 1) तेल टैंकर को जब्त किया था। रायटर के अनुसार, अमेरिका के दो अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि कैरेबियाई क्षेत्र में ओलिना नामक टैंकर पर कब्जा किया जा रहा है। वेनेजुएला के तेल निर्यात पर शिकंजा कसने के प्रयास में हालिया हफ्तों में निशाना बनाया गया यह पांचवां पोत है।चालक दल के दो सदस्य रिहा, रूस ने किया स्वागत अमेरिकी कोस्ट गार्ड द्वारा जब्त मैरिनेरा तेल टैंकर पर सवार तीन भारतीयों समेत चालक दल के अन्य सदस्यों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बरकरार है। इस बीच रूस ने शुक्रवार को अमेरिका के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें टैंकर पर सवार उसके दो नागरिकों को रिहा करने का फैसला किया गया है।
Source: Dainik Jagran January 09, 2026 17:54 UTC