सवाल ये भी है कि ये सदन के नियमों के खिलाफ क्यों है. इस बीच ये जानना जरूरी है कि आखिर किसी किताब को सदन में Quote करने को लेकर नियम क्या हैं. लेकिन राहुल गांधी का मामला इसलिए अलग है क्योंकि वे एक ऐसी किताब की बातों का ज़िक्र करना चाहते थे जो छपी ही नहीं है. दोषी पाए जाने पर सदस्यता जाने का खतराइतना ही नहीं, संबंधित सदस्य को किताबों, समाचार पत्रों या पत्रों की जानकारी को सत्यापित करने के लिए कहा जा सकता है. विशेषाधिकार समिति मामले की जांच करती है और दोषी पाए जाने पर संबंधित सदस्य की सदस्यता भी जा सकती है.
Source: NDTV February 02, 2026 17:19 UTC