राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा- नैतिकता के पालन से ही समाज आगे बढ़ेगाजागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र का कहना है कि एकता ही हमारी संस्कृति है। भारतीय संस्कृति का सार यही है कि संपूर्ण राष्ट्र के लोग आपस में जुड़े हुए है। भारतीयों ने भावनात्मक एकात्मकता एवं भौगोलिक एकता से सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। इससे भारत की विश्व में पहचान बनी है।भारतीयों को एक-दूसरे का ध्यान रखना चाहिएमिश्र शनिवार को जयपुर डायलॉब कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरे देश को एक शरीर की तरह मानेंगे तब ही संवेदनशीलता एवं एकाग्रता की भावना पैदा होगी। आपसी सहयोग एवं सद्भाव को ही भारतीय संस्कृति की पहचान बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि भारतीयों को एक-दूसरे की कुशलता का ध्यान रखना चाहिए, शौर्य बढ़ाना और प्रकृति का सम्मान करना चाहिए।हमें विवेकशील बनना चाहिएउन्होंने कहा कि हमें धर्यवान, क्षमावान, इंद्रियों को नियंत्रण रखने वाले बुद्धिमान और विवेकशील बनना चाहिए। मिश्र ने कहा कि व्यक्ति का आचारण और व्यवहार नैतिकता है। नैतिकता के पालन से ही समाज आगे बढ़ेगा। उन्होंेने कहा कि 18 पुराणों में पुण्य और पाप दो ही वचन है। यदि हम परोपकार करेंगे तो पुण्य प्राप्त होगा और किसी को कष्ट देंगे तो पाप के भागीदार बनेंगे। हमें उतना ही उपयोग करना चाहिए,जितना आवश्यकता हो। उन्होंने कहा कि भारत ने अपने आचार-विचार से दुनिया का मन जीता है। लोक कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार किया जाना आवश्यक है। सभी को मिलकर देश को आगे बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए।महिलाओं के हेलमेट के साथ स्कार्फ अथवा दुपट्टा लगाने पर रोक लगाने की तैयारीराजस्थान में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने में जुटी पुलिस अब दुपहिया वाहनों पर स्कार्फ अथवा दुपट्टा बांधने पर रोक लगा रही है । पुलिस का मानना है कि कई हार्डकोर अपराधी महिलाओं के वेश में दुपट्टा अथवा स्कार्फ बांधकर उनकी नजर से बच निकलते है। हरियाणा से सटे राजस्थान के चूरू, झुंझुनूं और अलवर जिलों में इस तरह के मामले सामने आए हैं। हरियाणा के अपराधी इन जिलों में आकर वारदात को अंजाम देते हैं और फिर दुपहिया वाहनों पर हेलमेट के साथ स्कार्फ अथवा दुपट्टा बांधकर पुलिस की नजर से बच निकलते हैं। इन मामलों को देखते हुए पुलिस अब पूरे प्रदेश में वाहन चलाते समय महिलाओं के भी स्कार्फ अथवा दुपट्टा बांधने पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है।चूरू जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने तो इस बारे में सभी पुलिस थाना अधिकारियों एवं यातायात पुलिसकर्मियों को आदेश भी जारी कर दिए हैं। गौतम ने मौखिक आदेश जारी कर कहा कि महिलाओं एवं युवतिओं को पुलिसकर्मी इस बात के लिए तैयार करें कि वे दुपहिया वाहन चलाते समय स्कार्फ अथवा दुपट्टे का उपयोग नहीं करें।कॉलेजों में युवतियों के साथ इस बारे में संवाद किया जाएगा और फिर पुलिस थाना स्तर पर बनी कम्यूनिटी लाइजन ग्रुप (सीएलजी) की बैठकों में इस निर्णय पर अमल करने को लेकर समाज के प्रतिष्ठित लोगों को जिम्मेदारी दी जाएगी।स्कार्फ अथवा दुपट्टों की आड़ में वारदातउन्होंने कहा कि पहले समझाइये फिर सख्ती बरती जाए। गौतम का मानना है कि स्कार्फ अथवा दुपट्टों की आड़ में वारदात के बाद हार्डकोर अपराधी बच निकल रहे हैं और उन्हें पकड़ना मुश्किल हो रहा है। पुलिस का मानना है कि मारपीट, हत्या, लूटपाट और चेन स्नैचिंग जैसे मामलों में अपराधियों का मुंह कपड़े से बंधा हुआ होने की बात सामने आती रही है।सीमावर्ती जिलों से अपराधी आते हैं वारदात करके वापस चले जाते हैंमहानिरीक्षक स्तर के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने बताया कि सीमावर्ती जिलों में हरियाणा से अपराधी आते हैं और वारदात करने के बाद कुछ ही समय में वापस अपने इलाकों में चले जाते हैं। इस बिंदु को ध्यान में रखते हुए पुलिस सक्रिय हुई है।Posted By: Bhupendra Singhअब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप
Source: Dainik Jagran October 19, 2019 17:20 UTC