दिल्ली रेल मंडल तैयार कर रहा है शताब्दी, गरीब रथ, दुरंतो ट्रेन चलाने के लिए प्रस्तावदैनिक भास्कर Jun 10, 2020, 07:46 AM ISTनई दिल्ली. लंबी दूरी तय करने वाली राजधानी एक्सप्रेस के बाद शताब्दी,गरीब रथ दुरंतो जैसे ट्रेनें भी पटरी पर जल्द दौड़ती नजर आएगी। दिल्ली रेल मंडल राजधानी एक्सप्रेस के बाद शताब्दी, गरीब रथ, दुरंतो, हमसफर एक्सप्रेस ट्रेनों के परिचालन के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है। जिसे उत्तर रेलवे के मुख्यालय में भेजेगा।कोरोना वायरस के कारण पूरे देशभर में लगे लॉकडाउन से लगभग ढाई महीने से बेपटरी हुई शताब्दी, गरीब रथ और दुरंतो एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पूर्ववत चंडीगढ़ शताब्दी, भोपाल शताब्दी, लखनऊ शताब्दी, अमृतसर शताब्दी, काठ गोदाम शताब्दी, कालका शताब्दी सहित हमसफर, दुरंतो एक्सप्रेसों का परिचालन जल्द शुरू होने का आसार है।दिल्ली मंडल के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रेनों के चलाने के लिए तैयार किए जा रहे प्रपोजल को उत्तर रेलवे के मुख्यालय बड़ौदा हाउस भेजा जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही रेलवे बोर्ड इस प्रस्ताव पर अपनी मंजूरी देगी। अधिकारी ने बताया कि रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिलते ही इस ट्रेनों के टिकटों की 120 दिन पहले बुकिंग शुरु हो जाएगी।लॉकडाउन में श्रमिकों को गृह राज्य पहुंचाने के साथ किसानों की भी मदद कर रहा रेलवेरेलवे श्रमिकों और पैसेंजरों को दूसरे राज्यों में पहुंचाने के अलावा किसानों का भी अपने तरीके से मदद कर रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन दिनों रेलवे लॉकडाउन में किसानों के लिए कृषि में काम आने वाली ट्रेक्टर और दूध भी एक राज्य से दूसरे राज्य पहुंचा कर किसानों की आय बढ़ाने और इस मुश्किल समय में हर संभव प्रयास कर रही है।रेलवे के अधिकारी ने बताया कि किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए रेलवे बड़े पैमाने पर कृषि और किसानों की जरूरत से जुड़ी वस्तुओं के ट्रांस्पोर्टेशन पर जोर दे रहा है। बेंगलुरु डिविजन ने पिछले 2 दिनों में 350 ट्रेक्टरों का देश के अलग अलग हिस्सों तक पहुंचाने का काम किया है।इसके अतिरिक्त किसानों के दूध को रेलवे ने देश भर में दूध को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए खास तरह की दूध की वैन तैयार की है जिस दूध की वैन की क्षमता 44.660 लीटर है। पुरी तरह से स्टेनलेस स्टील की बनी इस वैन की क्षमता पहले की वैन की क्षमता की तुलना में लगभग 12 फीसदी अधिक है। ये वैन 110 किलोमीटर प्रति घंटा की क्षमता से दूध को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा सकती है।
Source: Dainik Bhaskar June 09, 2020 22:52 UTC