Dainik Bhaskar May 15, 2019, 05:08 PM ISTब्रह्मोस एयरोस्पेस कंपनी ने आईएमडीईएक्स एशिया एग्जिबिशन 2019 में दी जानकारीब्रह्मोस के चीफ जनरल मैनेजर ने कहा- कई देश हमसे मिसाइल खरीदने के इच्छुकसिंगापुर/नई दिल्ली. भारत इसी साल स्वदेशी मिसाइलों के निर्यात का काम शुरू कर सकता है। ये मिसाइलें मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशियाई और खाड़ी देशों को बेची जाएंगी। सिंगापुर में चल रहे आईएमडीईएक्स एशिया एग्जिबिशन 2019 के दौरान ब्रह्मोस एयरोस्पेस के चीफ जनरल मैनेजर (एचआर) कमोडोर एसके. अय्यर ने यह जानकारी दी। अय्यर ने कहा कि कंपनी ने अपनी तरफ से तमाम तैयारियां कर ली हैं, सिर्फ सरकार की मंजूरी का इंतजार है।कमोडोर अय्यर के मुताबिक, “भारत की मिसाइलों को खरीदने में सबसे ज्यादा रुचि दक्षिण पूर्वी और खाड़ी देशों ने दिखाई है। उन्होंने कहा कि मिसाइल बिक्री के लिए पहला बैच तैयार है और हम सरकार की तरफ से अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। खाड़ी देशों ने तो हमारी मिसाइलों में काफी रुचि दिखाई है।” सिंगापुर में मंगलवार से तीन दिन आईएमडीईएक्स एशिया एग्जिविशन 2019 शुरू हुई। इसी दौरान अय्यर ने मीडिया को यह जानकारी दी।'भारत के रक्षा उत्पादन के लिए अच्छे बाजार की तलाश'भारत के रक्षा उत्पादक दक्षिण पूर्वी एशिया और खाड़ी देशों में अपने लिए अच्छा बाजार देख रहे हैं। यहां मध्यम अर्थ व्यवस्था वाले देश हैं। इन देशों की अपनी जरूरतें तो हैं लेकिन ये बहुत महंगे हथियार नहीं खरीद सकते। भारत इन्हें उचित दामों पर मिसाइलें उपलब्ध करा सकता है। ब्रह्मोस को भारत और रूस ने मिलकर विकसित किया है। कुछ दक्षिण अमेरिकी देशों ने भी भारत की मिसाइलों में रुचि दिखाई है। इसकी वजह लेटेस्ट टेक्नोलॉजी और कम कीमत है। आईएमडीईएक्स एशिया एग्जिबिशन 2019 में विश्व की कुल 236 कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। दुनियाभर से करीब 10, 500 कंपनी प्रतिनिधि यहां आए हुए हैं। 30 देशों के 23 युद्धपोत ही प्रदर्शनी में शामिल किए गए हैं।23 मई को देखिए सबसे तेज चुनाव नतीजे भास्कर APP पर
Source: Dainik Bhaskar May 15, 2019 10:15 UTC