Dainik Bhaskar Jun 10, 2019, 08:02 PM ISTयहां के एसकेएमसीएच हॉस्पिटल में इस बुखार से पीड़ित 100 से ज्यादा बच्चे अभी भर्तीमुख्यमंत्री ने कहा- बच्चों की मौत पर सरकार गंभीर, मुख्य सचिव मॉनिटरिंग कर रहेमुजफ्फरपुर. बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सोमवार को चमकी बुखार से 17 बच्चों की मौत हो गई। इनमें 15 की मौत हॉस्पिटल में जबकि दो बच्चों की मौत हॉस्पिटल ले जाते वक्त रास्ते में हो गई। एक हफ्ते में इस बीमारी से 48 मासूमों की जान जा चुकी है। यहां के एसकेएमसीएच हॉस्पिटल में इस बुखार से पीड़ित 100 से ज्यादा बच्चे भर्ती हैं।एसकेएमसीएच हॉस्पिटल की दोनों पीआईसीयू यूनिट भरे हुए हैं। लगातार पीड़ित बच्चों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हॉस्पिटल प्रशासन तीसरी यूनिट खोलने की तैयारी कर रहा है। गंभीर मरीजों को भी लाइन में लगाकर पीआईसीयू में भर्ती होना पड़ रहा है। एसकेएमसीएच में रविवार को 25 बच्चे भर्ती किए गए, उनमें 4 की मौत हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों की उम्र 5-15 साल के बीच है।सीएम ने बच्चों की मौत पर जताई चिंताडॉक्टरों ने बताया कि उत्तरी बिहार के चार जिले सीतामढी, शिवहर, मोतिहारी और वैशाली में इस बीमारी का प्रकोप है। एसकेएमसीएच हॉस्पिटल में पहुंचने वाले पीड़ित बच्चे इन जिलों से ही हैं। उधर, पटना में सोमवार को लोक संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि चमकी बुखार से बच्चों की मौत पर सरकार गंभीर है। मुख्य सचिव नजर रख रहे हैं। सभी डॉक्टर अलर्ट पर हैं।तेज बुखार के बाद शरीर में ऐंठन है लक्षणएईएस (एक्टूड इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) से ग्रसित बच्चों को पहले तेज बुखार और शरीर में ऐंठन होती है। फिर बच्चे बेहोश हो जाते हैं। एसकेएमसीएच के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. गोपाल शंकर साहनी के मुताबिक, इस तरह के लक्षण की स्थिति में बच्चों के परिजन और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। उत्तरी बिहार में इसे चमकी बुखार के नाम से जाना जाता है।2012 में हुई थी 120 बच्चों की मौतएसकेएमसीएच हॉस्पिटल से मिले आकड़ों के मुताबिक 2012 में इस बीमारी से 120 बच्चों की मौत हुई थी।
Source: Dainik Bhaskar June 10, 2019 12:04 UTC