जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। रामदयालु नगर रेलवे स्टेशन को वर्ष 2023 में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 28 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास की मंजूरी दी गई थी। सोनपुर मंडल की ओर से इसे एक माडल टर्मिनल स्टेशन के रूप में विकसित करने की योजना बनाई। इसके तहत प्लेटफार्म विस्तार, स्काईवाक, यात्री सुविधाओं में वृद्धि और नई ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था की जानी थी। हालांकि, योजना बनने के तीन साल बाद भी काम अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ता दिखाई दे रहा।बताया जाता है कि इस परियोजना को 2025 के अंत तक पूरा कर लिया जाना था, लेकिन मौजूदा स्थिति में स्टेशन का पुनर्विकास आधा-अधूरा ही दिख रहा। निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और माडल स्टेशन देखने की चाहत को लेकर स्थानीय यात्रियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। रेल अधिकारियों ने इस परियोजना का दर्जनों बार निरीक्षण किया। डीआरएम सोनपुर से लेकर पूर्व मध्य रेल के कई उच्चाधिकारियों ने उक्त स्टेशन का दौरा कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। निर्माण स्थल पर सीमित संसाधन और कम मजदूरों के कारण प्रगति धीमी बताई जा रही है।इस स्टेशन के विकसित होने से मुजफ्फरपुर जंक्शन पर यात्रियों का दबाव कम करने की योजना थी। साथ ही यहां से नई ट्रेनों का संचालन, बेहतर यात्री सुविधाएं, विस्तारित प्लेटफार्म और स्काईवाक जैसी आधुनिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी थी। रामदयालु स्टेशन से लेकर भिखपुरा चौक तक स्काइवाक बनाने का प्रस्ताव की मंजूरी भी मिल गई, लेकिन अभी तक काम आगे बढ़ता नहीं दिख रहा। काम में देरी के कारण यह लाभ अभी यात्रियों को कुछ सालों तक नहीं मिल पाएगा।इसके बनने से रामदयालु रेल फाटक पार करने के झंझट से लोगों को मुक्ति मिल जाती। रेल फाटक पर लगने वाली जाम की समस्या से भी रेल कर्मियों और आम जन को राहत मिलती, लेकिन स्काइवाक ब्रिज का काम अभी तो शुरू भी नहीं किया गया है।बता दें कि रामदयालु स्टेशन की ऊंचाई बढ़ाने के साथ प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाई जानी थी। उस कार्य के लिए एक साल का समय दिया गया था, लेकिन उसको पूरा करने में दो साल से अधिक लग गए। इसी स्टेशन का कार्य काफी पीछे चल रहा।
Source: Dainik Jagran April 07, 2026 13:34 UTC