मुकेश अंबानी ने 27 अरब डॉलर में बेचा अपना सपना, अब डिलीवर करने की चुनौती - News Summed Up

मुकेश अंबानी ने 27 अरब डॉलर में बेचा अपना सपना, अब डिलीवर करने की चुनौती


हर योजना पर निवेशकों की नजर अंबानी की हर योजना पर निवेशकों की नजर है। इस साल रिलायंस का शेयर 55 फीसदी उछलकर सितंबर में रेकॉर्ड पर पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद से इसमें गिरावट आई है। स्टेकहोल्डर्स इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि अंबानी अपने सपने को कैसे पूरा करते हैं। अंबानी ने फेसबुक जैसे नए निवेशकों के साथ अपनी पार्टनरशिप को हाथोंहाथ लिया है। लेकिन मूल रूप से यह उनका वैकल्पिक प्लान था। असल में तो वह अपने तेल एवं पेट्रोकेमिकल कारोबार में 20 फीसदी हिस्सा सऊदी अरब की कंपनी को बेचना चाहते थे। इसकी घोषणा अगस्त 2019 में हुई थी। इससे कंपनी को अपना कर्ज चुकाने में मदद मिलती। लेकिन दोनों कंपनियों के बीच बातचीत रुक गई और रिलायंस के शेयर तीन महीने में 40 फीसदी गिर गए।आगे की योजना जानकारों का कहना है कि इसके बाद ही अंबानी ने अपनी डिजिटल और रीटेल यूनिट्स में हिस्सेदारी बेचने के लिए बातचीत आगे बढ़ाई। उसे निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला। डिजिटल बिजनस में 20 अरब डॉलर और रीटेल में 6.4 अरब डॉलर का निवेश आया। डेडलाइन से नौ महीने पहले ही जून में कंपनी ने खुद को कर्जमुक्त घोषित कर दिया। जुलाई में रिलायंस की एजीएम में अंबानी और उनके बच्चों ईशा और आकाश ने अपने हाई-टेक एंबीशंस के बारे में निवेशकों को पूरी डिटेल बताई। कंपनी की अगले साल की शुरुआत में 5जी वायरलेस नेटवर्क सर्विस और एक वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म शुरू करने की योजना है।जियो का प्लान रिलायंस की डिजिटल यूनिट जियो प्लेटफॉर्म लिमिटेड देश के लाखों छोटे कारोबारियों के लिए टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस और ऐप विकसित करेगी। उनकर इस प्लेटफॉर्म का विदेशों में भी विस्तार करने की योजना है। जानकारों का कहना है कि नए साल में कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता 5जी है। सरकार ने अभी तक इसके लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन नहीं किया है लेकिन अंबानी ने हाल में कहा था कि उनकी कंपनी 2021 की दूसरी छमाही में देश में 5जी रिवॉल्यूशन की नेतृत्व करेगी।


Source: Navbharat Times December 29, 2020 07:57 UTC



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