पितृपक्ष में पंडित रामनरेश दुबे ने सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का मूलपाठ कराया और चौथे दिन मित्र का तर्पण किया. पंडित रामनरेश दुबे का कहना है कि हिंदू परिवार में तो तर्पण होता ही है लेकिन वो हमारे बाल्यकाल से मित्र थे, इसलिए हमने उनको अपने भगवान से विनय की कि हमारी पूजा से उनका उद्धार हो जाए. वाहिद अली के बेटे वाजिद अली का कहना है कि रामनरेश चाचा और अब्बा में चोली-दामन का साथ था. वह उनके पिता के लिए तर्पण कर रहे हैं, इससे अच्छी बात दूसरी नहीं. VIDEO: कुंभ में संन्यासी जीवन का आरंभ, ख़ुद पिंडदान और श्राद्ध किया
Source: NDTV September 12, 2020 09:09 UTC