भोपाल / 24 घंटे के भीतर आरएसएस कार्यालय की सुरक्षा बहाल, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिए निर्देश - News Summed Up

भोपाल / 24 घंटे के भीतर आरएसएस कार्यालय की सुरक्षा बहाल, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिए निर्देश


Dainik Bhaskar Apr 02, 2019, 03:39 PM ISTदिग्विजय ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री से फिर से सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने का किया था आग्रह2009 से लगे थे एसएएफ गार्ड, संघ ने कहा- न हमने लगाने को कहा, न हटाने कोभोपाल. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 24 घंटे के भीतर ही संघ कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार रात अचानक सरकार ने संघ कार्यालय से एसएएफ के जवानों को संघ कार्यालय से हटा लिया था। इसके बाद राजनीति गरमा गई थी। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राज्य सरकार के इस निर्णय को गलत बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ से फिर से संघ कार्यालय की सुरक्षा बहाल करने के आदेश देने की मांग की। शिवराज सिंह ने सरकार के इस निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था।क्या है मामला : राज्य सरकार ने सोमवार रात राजधानी में अरेरा कॉलोनी ई-2 स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय 'समिधा' से सुरक्षा-व्यवस्था हटा दी थी। यहां दस साल यानी 2009 से एसएएफ जवानों की तैनाती थी। कार्यालय के बाहर एसएएफ जवानों का टेंट था। सोमवार रात 9:30 बजे अचानक कैंप हटना शुरू हुआ और रात 11 बजे तक एसएएफ जवान सामान लेकर चले गए। समिधा संघ का मध्य क्षेत्र (यानी संपूर्ण मप्र के साथ छत्तीसगढ़) का मुख्यालय है।भोपाल राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ कार्यालय से सुरक्षा हटाना बिल्कुल उचित नहीं है मैं मुख्य मंत्री कमल नाथ जी से अनुरोध करता हूँ कि तत्काल पुन: पर्याप्त सुरक्षा देने के आदेश दें। — digvijaya singh (@digvijaya_28) April 2, 2019इसलिए दी गई थी सुरक्षा व्यवस्था : साल 2009 में तत्कालीन सरसंघचालक केएस सुदर्शन ने पद से निवृत्त होने की घोषणा के बाद समिधा को अपना निवास स्थान बनाने का निर्णय लिया था। उसी दौरान कार्यालय का रिनोवेशन हुआ था। सुदर्शन को राज्य सरकार ने विशेष सुरक्षा प्रदान की थी। इसी वजह से यहां एसएएफ के गार्ड तैनात किए गए थे। 15 सितंबर 2012 को उनके निधन के बाद भी जवान यहां तैनात रहे।क्या कहा मुख्यमंत्री कमलनाथ ने : मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जारी बयान में कहा है कि मुझे आरएसएस के भोपाल स्थित कार्यालय से चुनाव आयोग में की गई एक शिकायत के चलते और चुनावी कार्य में फोर्स की आवश्यकता होने के कारण सुरक्षा हटा लेने की जानकारी मिली। मैंने अधिकारियों को तुरंत ही निर्देश दिये हैं कि आरएसएस कार्यालय पर पुनः सुरक्षा व्यवस्था की जाए। कमलनाथ ने कहा कि आरएसएस से भले हमारे वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। लेकिन मैं उनके कार्यालय से सुरक्षा हटाये जाने का पक्षधर नहीं हूं।गृहमंत्री ने कहा- कई जगह बिना स्वीकृति के बल तैनातराज्य के गृहमंत्री बाला बच्चन ने कहा कि चुनाव आयोग ने फोर्स की मांग की है। समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि कई जगहों पर बिना स्वीकृति के फोर्स तैनात है। ऐसे सभी स्थानों से जवानों को वापस बुलाने का निर्णय लिया गया। उसमें संघ कार्यालय भी शामिल है। उधर, आरएसएस के प्रचार प्रमुख नरेंद्र जैन ने कहा कि हमने न तो सुरक्षा मांगी थी और न हमें इसे वापस लेने की कोई जानकारी। हमें सुरक्षा हटाने पर कोई आपत्ति भी नहीं है।शिवराज ने कहा- सुरक्षा हटाना दुर्भावना पूर्णपूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संघ ने कभी सुरक्षा नहीं मांगी। संघ किसी की सुरक्षा का मोहताज नहीं है। सरकार को लगा कुछ आतंकवादी संगठनों से खतरा है, इसलिए सरकार में रहते हुए हमने सुरक्षा प्रदान की थी। केवल एक सतही कारण बता कर सुरक्षा हटा दी गई। सुरक्षा के मामले में दुर्भावना रखना घटिया है।


Source: Dainik Bhaskar April 02, 2019 04:28 UTC



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