भाजपा के 'जय श्रीराम' पर भड़कीं ममता बनर्जी ने Twitter-Facebook पर लिखा जय हिंद, जय बांग्ला - News Summed Up

भाजपा के 'जय श्रीराम' पर भड़कीं ममता बनर्जी ने Twitter-Facebook पर लिखा जय हिंद, जय बांग्ला


नई दिल्‍ली, जेएनएन। तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच चल रही राजनीतिक जंग, लोकसभा चुनाव 2019 के परिणाम सामने आने के बाद भी थमने का नाम नहीं ले रही है। ममता बनर्जी अब सोशल मीडिया पर खुलकर भाजपा के साथ दो-दो हाथ करने उतर आई हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं के 'जय श्री राम' का नारा लगाने पर पिछले दिनों भड़कीं ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर और फेसबुक पर अपनी डिस्पले पिक्चर (डीपी) बदल दी है। ममता बनर्जी की डीपी में 'जय हिंद, जय बांग्ला' लिखा नजर आ रहा है। ममता के साथ ही उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने भी अपनी डीपी बदल दी है। इससे ऐसा लग रहा है कि दीदी ने पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मोर्चा अभी से खोल दिया है।ममता बनर्जी ने रविवार को एक लंबा-चौड़ा फेसबुक पोस्ट अंग्रेजी, हिंदी और बांग्‍ला भाजपा में लिखकर भाजपा पर धर्म के आधार पर राजनीति करने का आरोप लगाया। अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर राम के नाम पर सियासत करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुझे किसी भी राजनीतिक दल की रैली व उनके दल के मतलब के लिए बनाए गए नारों से कोई समस्या नहीं है।हर पार्टी का अपना नारा होता है। मेरी पार्टी का नारा जय हिंद, वंदे मातरम है। वाम पार्टियों का नारा इंकलाब जिंदाबाद है। इसी प्रकार दूसरों के अलग-अलग नारे हैं। हम एक-दूसरे का सम्मान करते हैं। जय सियाराम, जय राम जी की, राम नाम सत्य है आदि नारों का धार्मिक और सामाजिक अर्थ है। हम इन मनोभावों का आदर करते हैं। लेकिन भाजपा धार्मिक नारे, जय श्रीराम को विकृत रूप से अपने पार्टी के नारे के रूप में काम में लगा रही है तथा इसके माध्यम से धर्म और राजनीति को एक साथ मिला रही है। हम तथाकथित आरएसएस द्वारा दूसरों पर इन जबरदस्ती के थोपे गए राजनीति नारों का सम्मान नहीं करते हैं, जिसे बंगाल ने कभी भी मान्यता नहीं दी। यह जानबूझकर बर्बरता और हिंसा के जरिए घृणा की विचारधारा को बेचने जैसा है। जिसका हम सभी को मिलजुल कर विरोध करना चाहिए।आगे उन्होंने लिखा है कि कुछ लोग कभी-कभी कुछ समय तक कुछ लोगों को भ्रमित कर सकते हैं, लेकिन हमेशा सभी को भ्रमित नहीं किया जा सकता है। यदि सभी राजनीतिक दल ऐसी विभेदात्मक और गड़बड़ी फैलाने वाली गतिविधियों का सहारा लेने लगे तो पूरा वातावरण ही दूषित और अनुत्पादक हो जाएगा। हमें भाजपा के ऐसे क्रियाकलापों का मजबूती से विरोध करना चाहिए और हम जरूर करेंगे, ताकि हमारे संविधान में प्रतिष्ठापित देश की धर्मनिरपेक्ष विशेषता को अक्षुण्ण रख सकें। इसके अलावा उन्होंने देश व राज्य की जनता से अपील करते हुए कहा कि घृणा की राजनीति को उचित जवाब दें व हमारे देश की महान संस्कृति और विरासत का सम्मान करें।बाबुल सुप्रियो बोले- बंगाल में भाजपा की मौजूदगी से बौखला गईं ममताकेंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की 'जय श्री राम' के नारे पर प्रतिक्रिया के बारे में कहा कि वह एक अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं लेकिन उनका व्यवहार असामान्य और विचित्र है। उन्हें अपने पद की गरिमा को ध्यान में रखना चाहिए। उन्हें कुछ दिनों के लिए ब्रेक लेना चाहिए। बंगाल में भाजपा की मौजूदगी से वह बौखला गई हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री का काफिला भाटपाड़ा से गुजर रहा था। तभी कुछ लोगों ने 'जय श्रीराम' के नारे लगाए। यह सुनकर ममता एक बार फिर अपना आपा खो बैठीं और गाड़ी रुकवाकर सड़क पर उतरकर नारा लगाने वालों की चमड़ी उधेड़कर गिरफ्तार करा देने की बात कही। उसके बाद 'जय श्रीराम' के नारे लगाने के मामले में जगदल थाने की पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार लोगों पर मुख्यमंत्री का काफिला रोकने, हमले की कोशिश करने समेत विभिन्न आरोपों में मामले दर्ज किए गए।लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एपPosted By: Tilak Raj


Source: Dainik Jagran June 03, 2019 07:42 UTC



Loading...
Loading...
  

Loading...

                           
/* -------------------------- overlay advertisemnt -------------------------- */