Send an emailभागवत कथा प्रथम दिन: द्वारकाधीश मंदिर में ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का संदेशSeoni 21 February 2026सिवनी यशो:- भागवत कथा प्रथम दिन सिवनी में द्वारकाधीश मंदिर में आयोजित हुई। गीता मनीषी स्वामी निर्विकल्प स्वरूप जी ने कथा का शुभारंभ मंगलाचरण और गणेश पूजन के साथ किया। उन्होंने भागवत महात्म्य, ज्ञान और वैराग्य का संदेश उपस्थित श्रद्धालुओं को समझाया।प्रथम दिन के प्रमुख प्रसंगमंगलाचरण और गणेश पूजन: कथा का शुभारंभ भगवान गणेश और सुखदेव जी की स्तुति के साथ हुआ।भागवत महात्म्य: कथाव्यास ने बताया कि भागवत कथा सुनना सात जन्मों के पापों का नाश करता है और यह ज्ञान, भक्ति एवं वैराग्य बढ़ाने वाली अमर कथा है।भक्ति, ज्ञान और वैराग्य: वृंदावन में भक्ति और ज्ञान की पुनरुत्थान की कथा सुनाई गई। नारद जी ने भक्ति को युवा रूप में पुनर्जीवित करने का आश्वासन दिया।परीक्षित श्राप और सुखदेव जी का आगमन: राजा परीक्षित को श्रृंगी ऋषि द्वारा श्राप मिलने की कथा और सुखदेव जी का ज्ञान देने के लिए आगमन।धुंधकारी की कथा: आत्मदेव और धुंधकारी की कथा के माध्यम से भागवत कथा की महिमा का वर्णन किया गया।संतों और धार्मिक गुरुओं के संदेशशंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती: “जिस स्थान पर यज्ञ, मंदिर और धर्म चर्चा होती है वह स्थान तीर्थ बन जाता है।”महामंडलेश्वर राम कृष्णानंद: “कल्याण हेतु समय रहते भगवान की उपासना कर लेना चाहिए।”स्वामी निर्विकल्प स्वरूप जी: “रामायण जीने की और भागवत मरने की कला सिखाती है।”भगवान द्वारकाधीश की महिमा और संतों की उपस्थितिगीता मनीषी ने भगवान द्वारकाधीश की महिमा का व्याख्यान किया और कहा कि यह परम सौभाग्य का विषय है कि ब्रह्मलीन पूज्य शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंदजी महाराज की स्मृति में यहाँ द्वारकाधीश मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है। यह आयोजन बहुत पवित्र तीर्थों में शामिल हो रहा है और सौभाग्य इस बात से बढ़ जाता है कि इसकी प्राण प्रतिष्ठा पूज्य शंकराचार्य सदानंद जी महाराज के मार्गदर्शन में हो रही है।कथा के दौरान पूज्य दंडी स्वामी राघवानंद जी, स्वामी एवं सनत कुमार जी उपाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।यह भी पढ़े :- सीलादेही में भक्ति की विराट शोभायात्राकथा का उद्देश्यभागवत कथा का उद्देश्य मनुष्य को संसारिक चिंताओं से मुक्त कर ईश्वर के प्रति अनुराग उत्पन्न करना है। कथा ज्ञान, भक्ति और वैराग्य को बढ़ाकर आत्मा और परमात्मा के बीच संबंध स्थापित करती है।https://navbharattimes.indiatimes.com/state/uttar-pradesh/kanpur/shrimad-bhagwat-katha-is-going-on-in-kanchausi-bazaar-of-kanpur-dehat/articleshow/124124865.cmsPost Views: 30
Source: Navbharat Times February 21, 2026 18:01 UTC