नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के लिए पिछले कुछ दिन किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रहे। भारतीय सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए उनके एक अपमानजनक बयान ने न केवल सेना के गौरव को ठेस पहुंचाई, बल्कि पूरे देश में एक वैचारिक आक्रोश भी पैदा कर दिया।शुक्रवार की शाम जब विजय शाह मीडिया के सामने आए, तो उनके चेहरे पर आत्मग्लानि का भाव था। उन्होंने किसी राजनीतिक दांव-पेंच के बजाय सीधे तौर पर अपनी गलती स्वीकार की। शाह ने कहा, "मैंने पहले भी कई बार कहा है। आज फिर दोहरा रहा हूं। मेरा ऐसा कोई उद्देश्य नहीं था कि किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या समाज के किसी भी वर्ग का अपमान हो। निस्संदेह मेरे शब्द, मेरी भावना के अनुरूप नहीं थे। शब्द देशभक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकले थे। गलती के पीछे की भावना को अवश्य देखा जाना चाहिए। आप सब जानते हैं कि मेरी कोई दुर्भावना नहीं थी। मैंने अंतःकरण से क्षमा याचना की है, कई बार की है, आज फिर कर रहा हूं।"
Source: Dainik Jagran February 07, 2026 15:28 UTC