Hindi NewsLocalBiharLegand Perosonality Of Patna And Kayashtha Leader Ravi Nandan Sahai Died In PatnaAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपबुझ गया मुजफ्फरपुर के बागी एस्टेट का चिराग: नहीं रहे अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के अध्यक्ष रवि नंदन सहाय, कल पहलेजा घाट पर अंतिम संस्कारपटना 19 घंटे पहलेकॉपी लिंकरवि नंदन सहाय। (फाइल फोटो)79 वर्ष के थे, पारस हॉस्पिटल पटना में चल रहा था इलाज, वहीं पर ली अंतिम सांस18 मार्च 2018 को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए थेअखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और समाज सुधारक रवि नंदन सहाय का बुधवार को पटना में निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका इलाज पटना के पारस हॉस्पिटल में चल रहा था। बुधवार को सुबह 11:34 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। रवि नंदन सहाय पटना की जानी-मानी हस्ती थे। वे मुजफ्फरपुर के बागी एस्टेट परिवार से आते थे। उनके निधन पर मुंख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई मंत्रियों, विधायकों और नेताओं ने शोक संवेदना व्यक्त की है।रवि नंदन सहाय 79 वर्ष के थे। उनका पार्थिव शरीर लोगों के दर्शन के लिए बेली रोड के सहाय सदन में रखा गया है। सहाय सदन में रवि नंदन सहाय को भावभीनी श्रद्धांजलि देने के लिए बिहार के उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन और कांग्रेस के नेता सुबोध कांत सहाय सहित गणमान्य लोग पहुंचे थे। गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार पहलेजा घाट पर होगा।रवि नंदन सहाय के दादा श्याम नंदन सहाय संविधान सभा और राज्यसभा के सदस्य थे। पिता कृष्ण नंदन सहाय कई बार पटना के मेयर बने। रवि नंदन सहाय 18 मार्च 2018 को अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए थे। भोपाल में महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल की बैठक हुई थी। बैठक में रवि नंदन सहाय को सर्वसम्मति से पंचवर्षीय सत्र (2018-23) के लिए अध्यक्ष चुना गया था। पूर्व अध्यक्ष कैलाश नारायण सारंग ने रविनंदन सहाय का नाम अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित किया था।रवि नंदन के निधन पर CM नीतीश कुमार ने कहा है कि वे एक जाने-माने समाजसेवी थे और कुशल संगठनकर्ता थे। वे देश-विदेश की कई संस्थाओं से सक्रिय तौर से जुड़े थे। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा को संगठित करने में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही। उनके निधन से सामाजिक, शैक्षणिक और सांगठनिक क्षेत्र को भारी क्षति हुई है।अखिल भारतीय कायस्थ महासभा (मध्य भारत) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि रवि नंदन सहाय अब हमारे बीच नहीं रहे लेकिन समाज के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उनके निधन से हम सभी मर्माहत हैं। चाणक्या स्कूल ऑफ पॉलिटिकल राइट्स एंड रिसर्च के अध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा ने कहा कि रवि नंदन बाबू बहुत मृदभाषी थे और अपना पूरा जीवन समाज कल्याण के लिए समर्पित कर दिया था। खासकर शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान सराहनीय है। वे तिरहुत शारीरिक शिक्षण महाविद्यालय, श्यामनंदन सहाय महाविद्यालय, KN सहाय इंस्टीट्यूट ऑफ इन्वायर्नमेंट एंड अर्बन डेवलेपमेंट के अध्यक्ष थे।समाज का एक सच्चा सेवक हमारे बीच नहीं रहापूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय ने कहा कि रवि नंदन सहाय के निधन से समाज का एक सच्चा सेवक हमारे बीच से दूर चला गया। वे कायस्थों के सिरमौर थे। ये अकेला घर था, जो बिहार में राजनीति और खास तौर पर कायस्थों की राजनीति को दिशा देता था। रवि नंदन सहाय सबको मोटिवेट करते थे। इस परिवार ने गांधी जी का सत्कार किया था। आज उस परिवार का अंतिम चिराग नहीं रहा। वे हम सबके अभिभावक की तरह थे। उनका निधन एक अपूर्णीय क्षति है। रवि नंदन सहाय के निधन पर पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा ने भी गहरी शोक संवेदना जताई है। उन्होंने रवि नंदन सहाय के निधन को अपूर्णीय क्षति बताई है। पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन, बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी सूरज सिन्हा, भाजपा नेता ऋतुराज सिन्हा के साथ कई नेताओं और उद्यमियों ने भी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
Source: Dainik Bhaskar February 24, 2021 09:16 UTC