उन्होंने कहा है कि अगर स्वतंत्रता के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरू ने प्रधानमंत्री बनने की जिद्द न की होती तो इस देश का बंटवारा नहीं होता. उन्होंने देश के बंटवारे का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ा. सिन्हा ने कहा कि वह मौलाना आजाद कहना चाहते थे लेकिन वह मोहम्मद अली जिन्ना कह गए. जिनका देश विकास, देश की तरक्की में, देश की आजादी में सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बड़ा योगदान है. यही कारण है कि मैं यहां आया हूं और पहली और आखिरी बार कांग्रेस पार्टी में आ गया हूं तो वापस मुड़कर कहीं नहीं जाऊंगा."
Source: NDTV May 11, 2019 17:48 UTC