बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्तमान में चल रहे केंद्र प्रायोजित योजनाओं के मॉडल का एक बार फिर विरोध किया है. क्योंकि राज्यों को हर वर्ष केंद्र की अलग-अलग स्कीम के लिए मैचिंग ग्रांट के नाम पर काफ़ी आर्थिक भार उठाना पड़ता है. नीतीश कुमार ने कहा कि इसका एक ही समाधान है कि पूरे देश में एक केंद्र की स्कीम हो और एक राज्य की. केंद्र की स्कीम का सारा भार केंद्र सरकार उठाए और राज्य की स्कीम का राज्यों के ऊपर छोड़ देना चाहिए. लेकिन केंद्र सरकार पर उन्हें पक्का भरोसा और विश्वास है कि बिहार के विकास से संबंधित मुद्दों को वो गंभीरता से लेगी.
Source: NDTV June 10, 2019 09:33 UTC