बिहारः चार साल की मासूम से दुष्कर्म में 14 साल के लड़के को नहीं मिली माफी, जज ने सुनाई बड़ी सजाजहां छोटी बच्ची को देवी का स्वरूप मान कुंवारी पूजन की परंपरा रही हो उस देश में यह पशु प्रवृति वह भी किशोर द्वारा निश्चित तौर पर समाज के लिए चिंता का विषय है। किशोर न्याय परिषद के जज मानवेंद्र मिश्र ने यह टिप्पणी की।बिहारशरीफ, जागरण संवाददाता। नालंदा जिले के किशोर न्याय परिषद (Juvenile Justice Board) ने चार वर्ष की एक बच्ची से किए गए दुष्कर्म मामले में शनिवार को फैसला सुना दिया। घटना के महज 49 दिनों के भीतर दोषी 14 वर्षीय किशोर को सजा सुना दी गई। जज मानवेंद्र मिश्र व परिषद की सदस्य उषा कुमारी ने कहा कि दोषी की उम्र भले 14 वर्ष है लेकिन घटना से स्पष्ट होता है कि वह मानसिक और शारीरिक तरीके से अपराध करने में सक्षम था। कोर्ट ने दुष्कर्म की इस घटना को पाशविक प्रवृति माना। कहा कि ऐसे लोगों को दंडित करना और समाज को जागरूक करना बेहद जरूरी है।मुंहबोले चाचा ने आठ अक्टूबर को किया था अप्राकृतिक यौनाचारघटना आठ अक्टूबर की है। दोषी किशोर बच्ची का मुंहबोला चाचा है। वह बच्ची को इमली व चाकलेट का लालच देकर सुनसान कमरे में ले गया था। वहां उसे बच्ची के साथ बेरहमी की थी। 49 दिनों में जुटाए गए 10 दस्तावेजों के आधार पर किशोर न्याय परिषद ने यह फैसला सुना दिया है। जज ने कहा कि दुराचारी किशोर भले 14 साल का है, किंतु उसने सुनियोजित तरीके से अपराध को अंजाम दिया है। उसने अप्राकृतिक यौनाचार किया। पीड़िता की मां के आने की भनक पाते ही फरार हो गया। यह साबित करने को काफी है कि किशोर मानसिक और शारीरिक तौर पर अपराध करने में सक्षम था। अतः इसे किशोरों को अपराध की अधिकतम सजा धारा 377 में तीन वर्ष की सजा सुनाई जाती है।किशोर में इस तरह की प्रवृत्ति, चितां का विषयजज ने कहा यह भी कि जिस देश की मूल संस्कृति में, यत्र नार्यस्तु पूज्यंते, रमंते तत्र देवता, यानी जहां नारी की पूजा की जाती है, वहां देवता वास करते हैं, का भाव हो। जहां छोटी बच्ची को देवी का स्वरूप मान कुंवारी पूजन की परंपरा रही हो, उस देश में यह पशु प्रवृति, वह भी किशोर द्वारा, निश्चित तौर पर समाज के लिए चिंता का विषय है। ऐसी प्रवृति को रोकने के लिए तथा किशोरों में अच्छे संस्कार और महिलाओं के प्रति सम्मान विकसित करने के लिए हमें समाज में जागरूकता लानी होगी।
Source: Dainik Jagran November 27, 2021 13:13 UTC