राजकोट के बिजनेसमैन की उपलब्धि चर्चा मेंदेश में जहां भी मैराथन होती है, वहां पहुंचते हैंDainik Bhaskar Feb 17, 2020, 04:57 PM ISTराजकोट. रिटायर्ड होने की उम्र में भी सक्रिय रहना बहुत मुश्किल होता है। किंतु इस उम्र में भी गांधीनगर के बिजनेसमैन जगत काराणी ने मैराथन दौड़ना शुरू किया, फिर केवल साढ़े 3 साल में ही 73वीं मैराथन में भाग लिया। यदि उन सबका हिसाब लगाया जाए, तो जगत भाई केवल 3 साल में 1600 किलोमीटर की दूरी तक कर चुके हैं।रविवार की पूरी की 73 वीं मैराथनजगत काराणी ने रविवार को ही अपनी 73वीं मैराथन पूरी की। अपने इस सफर पर उन्होंने बताया कि अहमदाबाद में हाफ मैराथन का आयोजन किया गया, तब मेरे दोस्त ने उसमें भाग लेने की सलाह दी। यह मैराथन 11 सितम्बर को थी। उस दिन मेरे बेटे का जन्मदिन है। इसलिए मैंने बेटे को स्पेशल गिफ्ट देने के विचार से मैराथन में भाग लिया। इसकी 22 दिनों तक तैयारी की। उसके बाद भाग लिया। इसके बाद अब तक 73 मैराथन दौड़ चुका हूं।जो मिला, उसे दी दौड़ने की सलाहजगत काराणी बताते हैं-जब से मैराथन दौड़ना शुरू किया, तब से मेरा जीवन ही बदल गया है। कसरत से लेकर डाइट तक, भोजन करने और सोने का समय सब कुछ अनुशासित हो गया है। अब तो मेरी लाइफ स्टाइल ही बदल गई है। मुझे जो भी मिलता है, मैं उसे दौड़ने की सलाह देता हूं। कई लोगों ने मेरी सलाह मानी भी है।स्वयं एक मैराथन का आयोजन कियाजगत भाई एक महीने में आमतौर पर 4 मैराथन में भाग लेते हैं। अपने इस लगाव के कारण ही उन्होंने जनवरी में हाफ मैराथन का आयोजन भी किया। इसमें 200 से अधिक लोगों ने शिरकत की।ढाई घंटे में हाफ मैराथनजगत काराणी हाफ मैराथन को ढाई घंटे में पूरा किया। फुल मैराथन में 4 घंटे से भी कम समय लगता है। सतारा हिल के पास माउंटेन मैराथन थी, जिसमें 100 लोगों ने भाग लिया।
Source: Dainik Bhaskar February 17, 2020 10:53 UTC