भाजपा के वरिष्ठ नेता रवि शंकर प्रसाद ने सोमवार को कानून मंत्री का पदभार ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि न्यायिक नियुक्तियों के मामले में वे और उनका मंत्रालय पोस्ट ऑफिस की तरह काम नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों की नियुक्ति में कानून मंत्रालय सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट साथ मिलकर साझेदार की भूमिका निभाएगा।प्रसाद ने कहा- सरकार की इच्छा है कि जल्दी से न्यायिक व्यवस्था के हिस्सेदारों से चर्चा करके देशभर में एक सिस्टम बनाए, जिससे निचली अदालतों में जजों की नियुक्ति हो सके।प्रसाद के मुताबिक कानून मंत्री और कानून मंत्रालय इस न्यायिक व्यवस्था में हिस्सेदार है। इसके अंतर्गत निश्चित रूप से कोलिजियम सिस्टम के प्रति सम्मान निहित है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से चर्चा किए बिना निचली अदालतों में नियुक्ति नहीं की जाएगी।अगस्त 2018 में कानून मंत्री ने हाईकोर्ट के चीफ जजों को पत्र लिखकर कहा था कि वे अदालतों में खाली हो रहे पदों पर नजर बनाए रखें। इन्हें भरने के लिए स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन से संपर्क स्थापित करें।
Source: Dainik Bhaskar June 03, 2019 16:41 UTC