उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि 'बड़ी विरासत को मिटाने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, अपने ही काफी होते हैं.' पोस्ट में उन्होंने संकेत दिया कि अहंकार और बहकावे में आकर परिवार की पहचान और वजूद को खत्म करने की कोशिश हो रही है. हाल के दिनों में रोहिणी के कई बयान बिहार की राजनीति में हलचल मचा चुके हैं. माना जा रहा है कि यह पोस्ट राजद के भीतर चल रही खींचतान और नेतृत्व को लेकर असंतोष का संकेत है. बिना नाम लिए भाई पर निशानाराजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि रोहिणी का यह बयान तेजस्वी यादव की कार्यशैली और हालिया फैसलों पर सीधा हमला माना जा रहा है.
Source: NDTV January 10, 2026 12:27 UTC